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सोनभद्र :: जनहित समस्याओं का समाधान कराना हीं एकमात्र लक्ष्य, 15 मई 2020 आत्मदाह करुंगा : ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव
February 11, 2020 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

अनूप श्रीवास्तव, सोनभद्र। हत्या हो या गिरफ्तारी  असफल, असहाय, असमर्थ, आत्मग्लानि से आजिज आकर जनहित हेतु 15 मई 2020 आत्मदाह करने की चेतावनी दी है जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन जनप्रतिनिधियों की होगी। जनहित समस्याओं का समाधान कराना हीं एकमात्र लक्ष्य है।

बताते चलें कि ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव(पत्रकार/संस्थापक अध्यक्ष) सोनभद्र विकास मंच द्वारा जिलाधिकारी सोनभद्र को एक प्रार्थना पत्र देेेकर मांग किया है कि व्याप्त भ्रष्टाचार का सीoबीoआईoजाँच कराना, उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करना, सोनभद्र शहर के पुराने चिकित्सालय परिसर में  24 घंटे चिकित्सालय चलाने का लिखित आश्वासन पूर्ण कराने, जनपद के चिकित्सा, शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने रोटी, कपड़ा, दवाई, पढ़ाई, बिजली, रोजगार, प्रदूषण रेलवे, डाक, समेत अनेकों मूलभूत जनसमस्याओ का सामाधान करवाया जाय।आगे ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि वे उपरोक्त समस्याओं के समाधान कराने हेतु जन-जन से मिलते रहे हैं मिलते रहेंगे जनता जनार्दन का 31दिसंबर से चरणस्पर्श कर रहा हू /करता रहूगा। 2 फरवरी जनहित विरोधियों के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ के बाद जमगांव मेें वृक्षारोपण, जन चौपाल रैली 10 फरवरी को मगराही गांव के बाद गांव-गांव वृक्षारोपण एव जन चौपाल रैली होगी। वहीं 11 फरवरी को सोनभद्र बार एसोसिएशन सभा कक्ष पर चरण स्पर्श अभियान के बाद जनप्रतिनिधियो, पत्रकार, शिक्षक, सामाजिक संगठनों, राजनीतिकदलों, जाति/धार्मिक संगठनों, अधिकारियों के कार्यालयों पर चरण स्पर्श करते हुए किसान, मजदूर, छात्र-छात्राओं व आमजन जनता जनार्दन का चरण स्पर्श अनवरत जारी रहेगा। उसके बाद 17 मार्च 2020 को न्यायालय, चिकित्सालय, दुकान बंद करने का लोकतांत्रि तरीके शांति प्रिय ढंग से सादर आग्रह किया जायेगा। फिर भी जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव 15 मई  2020 आत्मदाह की चेतावनी दी है और पत्र में बताया गया है कि जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन, एवं जनप्रतिनिधियों की होगी। वहींं श्री श्रीवास्तव ने बताया कि सोनभद्र विकास मंच आंदोलन को सोनभद्र बार एवं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, पत्रकार, शिक्षक, डॉक्टर, व्यापारी, मजदूर, किसान, छात्र-छात्राओं आमजन समेत सामाजिक संगठनों, जाति/धार्मिक संगठनों, राजनैतिक दलों सहित तमाम संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जनहित समस्याओं का समाधान होना निश्चित रूप से अनिवार्य है।