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पटना :: खुला इग्नू का अध्ययन केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य की होगी पढ़ाई
October 19, 2019 • aaditya prakash srivastava

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार। स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई तरकीब निकाली है। सदर अस्पताल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का अध्ययन केन्द्र खोला गया है। इसको लेकर ओपीडी स्थित उपाधीक्षक कक्ष में उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। यह स्टडी सेंटर फिलहाल एएनएम स्कूल में ही चलेगा।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि इग्नू स्टडी सेंटर में कम्युनिटी हेल्थ कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी। इस सेंटर के खुल जाने से छात्र-छात्राओं को यह कोर्स करने के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। यहीं पर पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही, सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रैक्टिकल की जानकारी दी जाएगी। ताकि, सभी पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हो सके। इस अवसर पर उपाधीक्षक डॉ. दीपक कुमार, डॉ. अजय कुमार शर्मा, डीपीएम धीरज कुमार, डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद, लेखापाल बंटी कुमार रजक समेत अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद थे।
राज्य स्वास्थ्य समिति देगी कोर्स फी :::::: छह महीने के इस कोर्स का फी एक लाख रूपये है। इस कोर्स का फी राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से दी जायेगी। इसके लिए अभ्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा पास करना होता है, उसके बाद उनका नामांकन होगा। राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से अभ्यार्थियों से एक बाँड भरवाया गया है, जिसमें यह जिक्र है कि अगर किसी कारण से वह कोर्स का फाइनल परीक्षा पास नहीं करेंगे तो कोर्स फी राज्य स्वास्थ्य समिति नहीं बल्कि अभ्यार्थी खुद देंगे।  26 अभ्यार्थियों का हुआ नामांकन ::::::::: सदर अस्पताल में खुले इग्नू स्टडी सेंटर में पहले बैच का नामांकन हो गया। इसमें कुल 26 अभ्यार्थियों ने अपना एडमिशन लिया है। जिसमें 24 गर्ल्स तथा 2 बॉयज का नामांकन किया गया है। कोर्स में नामांकन लेने के लिए जीएनएम का कोर्स कंप्लीट होना अनिवार्य है। इसमें आयुष डॉक्टर भी नामांकन ले सकते है।  सामुदायिक स्वास्थ्य की होगी पढ़ाई ::::::: इस कोर्स के माध्यम से पब्लिक हेल्थ व प्राइमरी हेल्थ केयर स्किल के बारे में बताया जाएगा। कोर्स में 120 दिन कक्षा चलेगी। इसके बाद 300 घंटा प्रैक्टिकल क्लास कराया जाएगा। जिसमें 50 घंटा सदर अस्पताल में कार्य करना होगा। इसके बाद पीएचसी व एपीएचसी में कार्य करना होगा। इसके बाद विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाएगी। उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आयुष चिकित्सक भी कर सकेंगे एलोपैथ से इलाज :::::: अब आयुष चिकित्सक भी एलोपैथ से इलाज कर सकेंगे। चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए सदर अस्पताल परिसर में इग्नू का स्टडी सेंटर खोला गया। सेंटर के लिए पहले से प्रशिक्षित नौ चिकित्सकों का पैनल तैयार किया गया है। इस सेंटर पर सूबे के दूसरे जिलों के भी आयुष चिकित्सक प्रशिक्षण ले सकेंगे।  प्रशिक्षकों की गयी तैनाती :::::: स्टडी सेंटर में सेंटर इंचार्ज समेत छह चिकित्सकों की पोस्टिंग प्रशिक्षक के रूप में की गयी है। इसमें सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार शर्मा को सेंटर इंचार्ज बनाया गया है। वहीं डॉ. केएम दुबे, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. ऋषि कपूर, डॉ. बूसरा सलीम, डॉ. राकेश कुमार को प्रशिक्षक के रूप में पोस्टिंग की गयी है।
कोर्स की शर्ते :::: सर्टिफिकेट कोर्स इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा कराया जाएगा। कोर्स में विषयों की पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल भी शामिल होगा। प्रैक्टिल जिला अस्पताल एवं इग्नू द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य केन्द्रों पर कराए जाएंगे। उम्मीदवारों को संबंधित क्षेत्र में जाकर शोध से जुड़े काम भी करने होंगे।सभी तरह के मानकों को सफलता पूर्वक पूरा करने के बाद इग्नू की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सफल उम्मीदवारों की नियुक्त कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर के पद पर हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर की जाएगी।