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मोतिहारी :: जर्जर भवनों का नगर परिषद के पास आकड़ा नहीं
December 8, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, मोतिहारी। नगर परिषद के पास जर्जर भवनों का आंकड़ा नहीं है। सबसे हैरत की बात है कि यह जिला भूकंप के मामले में अतिसंवेदनशील है। इसे सिसमिक जोन- 5 में चिह्नित किया गया है। बावजूद इसके नगर परिषद के पास शहर में कितने सरकारी व निजी आवासीय मकान व व्यावसायिक प्रतिष्ठान जर्जर हैं, इसकी सूची उपलब्ध नहीं है। नप प्रशासन ने कई बार जर्जर मकानों की सूची बनाने के लिए निर्देश जारी किया है, लेकिन उसके कर्मी इसका सर्वे आजतक नहीं कर सके। पूर्वी चंपारण सिसमिक जोन- 5 में है चिह्नित।

मोतिहारी शहर भूकंप के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील है। यह जिला सिसमिक जोन- 5 में चिन्हित किया गया है। बावजूद इसके नगर परिषद के पास शहर में जर्जर भवन व जर्जर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की अब तक सूची नहीं बना सकी है। पिछले वर्ष 17 के अगस्त महीने में बारिश के दौरान मीना बाजार में एक जर्जर दुकान गिरने की घटना हो चुकी है। इस घटना में बैंककर्मी समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। यहां हल्की बारिश में इतनी बड़ी घटना हो सकती है तो भूकंप के आने के बाद क्या होगा। इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। यहां भवन निर्माण के नये मापदंडों का खुलेआम उलंघन है। यहां मानक के मुताबिक भवनों का निर्माण नहीं हो रहा है। नगर परिषद के मुताबिक 11 मीटर से ऊंचा मकान नहीं बनाना है, साथ ही 20 फीट चौड़ी सड़क अनिवार्य है। शहर में अनाधिकृत रूप से नियमानुसार ऐसा होने पर ही इस निर्माण को वैध माना जाता है। परंतु, शहर में मानक के विपरीत 11 मीटर से ऊंचे मकान लगातार बन रहे हैं। शहर में कई आवासीय व व्यावसायिक प्रतिष्ठान है जर्जर

शहर में दर्जनों ऐसे मकान है, जो भूकंप के हल्के झटके को भी नहीं झेल सकते। ऐसे में सतर्क होना जरुरी है। शहर में कई ऐसे आवासीय मकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं जो जर्जर हो चुके हैं। परंतु, नगर परिषद उसे अभी तक खतरनाक घोषित नहीं किया है। शहर में कई ऐसे मकान व प्रतिष्ठान हैं, जिनका टैक्स नगर परिषद वसूल करता है लेकिन इसके रख-रखाव व मरम्मत के प्रति विभाग का रवैया असंवेदनशील है। ईओ नगर परिषद मोतिहारी विमल कुमार नेे बताया कि टैक्स कलेक्टरों से उनके आवंटित क्षेत्रों से जर्जर भवन एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सूची मांगी गई है। सूची प्राप्त होने के बाद उन भवनों को बिल्डिग डिविजन से जांच कराकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।