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मिर्जापुर :: योगी के राज में आस्था और दौलत की जंग, आस्था पर भारी पड़ा दौलत
February 2, 2020 • aaditya prakash srivastava • अपराध

विश्वनाथ श्रीवास्तव/अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, मिर्जापुर। दबंगोंं द्वारा मन्दिर तोड़ने का मामला प्रकाश मेेंं आया है। मलीन (बिंद) बस्ती में जो लोगोंं के आस्था से जुड़ा हुआ है वह मंदिर लगभग 200 वर्षो से लोगोंं के आस्था का केंद्र है। वहीं लोगोंं के बताने के अनुसार वह दो सौ वर्ष पुराना मंदिर है जो माँ शीतला और माँ चौरा के नाम से प्रसिद्ध था उसको दबंगो द्वारा रात के अंधेरे में तोड़ दिया गया। मंदिर के पुजारी के अनुसार उसपर असलहा सटा कर जान से मारने की धमकी भी दिया गया और मंदिर को जड़ से उखाड़ फेंक दिया गया। मंदिर तोड़ दिए जाने पर लोगोंं के द्वारा कटरा कोतवाली को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया। मंदिर तोड़े जाने के बाद प्रशासन वहाँ बैठी है कोई बड़ी अनहोनी न हो सके। वहीं मंदिर के तोड़े जाने को लेकर लोगोंं मेंं आक्रोश व्याप्त है। भारी सैकड़ो की संख्या में भीड़ जमा हुई है।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश सरकार में जहां योगी का शासन है वहींं योगी के राज में एक ब्राह्मण समाज के व्यक्ति के द्वारा रात के अंधेरे में माँ शीतला और माँ चौरा के नाम से प्रसिद्ध मंदिर को अपनेे अहंकार में आकर जड़ से उखाड़ कर फेंक दिया गया और मंदिर के पुजारी द्वारा जब विरोध किया गया तो उक्त ब्राह्मण ने मंदिर के पुजारी के कनपट्टी पर असलहा सटा कर दौलत की आगोश में अंधे व्यक्ति ने कहा ज्यादा बोलोगे तो जान से जाओगे। एक तरफ प्रदेश के मुखिया के जुबान पर मंदिर और हिंदुत्व की बातें रहती है और दूसरी तरफ योगी सरकार में हींं एक दबंग व्यक्ति द्वारा मंदिर को उखाड़ के फेंका जा रहा है। जबकि दंबग व्यक्ति खनिज विभाग के अफ़सर बताया जाता है।बता दे मिर्ज़ापुर नगर से सटे अपना आलीशान आशियाना बनाने के लिए ग़रीबोंं के आस्था से उस सरकारी मुलाजिम द्वारा अपनी दबंगई दिखाकर खिलवाड़ किया जा रहा है और अधिकारी धृतराष्ट्र बने पड़े हैैं।वहीं ग्रामीणों से बातचीत करने पर पता चला कि यह दबंग व्यक्ति अपनेे पैसे के बल पर आस्था के साथ खिलवाड़ किया है और प्रदेश मेंं योगी की सरकार है। सूत्रों की मानें तो स्थानीय विधायक की गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी लेकिन इस वक्त भी वह धूर्त अधिकारी बेखौफ बना हुआ है।वहीं कुछ व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि उक्त दौलत की आवेश में अंधे खनिज अधिकारी द्वारा कहा गया कि किसकेे अनुमति इस मंदिर का निर्माण करा गया। जबकि ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि यह मंदिर 200 साल पुरानी है उस समय किस से अनुमति लेने की जरूरत थी यह वो खनिज अधिकारी हीं बताए।
अब सवाल ये है योगी के राज में अफसरों के पास इतना पैसा आता कहा से है उन अफसरों की आय से ज्यादा सम्प्पत्ति की भी जांच भी होनी चाहिए। ये मामला जहाँ लोगो के आस्था से जुड़ा है वहीँ खनिज विभाग के अफसर के पास इतना दौलत कहा से आया लगभग आय से ज्यादा सम्प्पत्ति का भी मामला प्रतीत होता है ।