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कुशीनगरःः स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधे कोईरी का परिवार उपेक्षा का शिकार, नहीं मिला उसे प्रधानमंत्री आवास
January 26, 2020 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

डेस्क, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधे कोइरी ने यही सोचा होगा कि गणतंत्र मिलने के बाद मरने पर उनके परिवार के लोगो में खुशहाली आएगी। लेकिन गणतंत्र के इतने वर्ष बीतने बाद भी सेनानी के परिवार का नाती के पास खुशहाली आना तो दूर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। एेसे मे इस सेनानी परिवार का एक मात्र 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा आज भी मजदूरी करके अपने परिवार में लोगों के के बीच मजदूरी करके अपने परिवार के लोगों को के बीच जीवन काट रहा है । हालाकी आजादी के दीवाने के इस परिवार को एक अदद मिलने वाला सरकारी आवास भी नहीं मिल सका है।पडरौना ब्लॉक की गांव जंगल बनवीरपुर निवासी स्वं राधे कोइरी स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार लड़ाई को अंजाम देते रहे। 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राधे ने अपने सहयोगीयो के साथ शामिल होकर रेल लाईन व कई सड़क पुल को ध्वस्त कर अंग्रेजों का संपर्क बाधित कर दिया था। जबकी इसी पडरौना के गुदरी बाजार से अग्रेजो ने सन् 32 मे स्वतंत्रा सग्रांम सेनानी स्वर्गी राधे कोइरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था । आज गणतंत्र मिलने के बाद सरकारी सिस्टम की उपेछा सिकार उनका नाती हो कर रह गया है। गंणत्रत मिलने के बाद सेनानी का परिवार बदहाल है। सेनानी का 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा ने कहा कि अगर बुनियादी सुविधाओं से वंचित किसी को देखना है तो मै उसका जीता जगता नमूना हू। आजादी के पूर्व अंग्रेजों के निशाने पर मेरे नाना थे तो आज गणतंत्र मिलने के बाद बर्तमान की सरकारे व प्रशासन की उपेक्षा के सिकार अब मै हुं । जो आज भी मजदूरी करके अपने परिवार के बीच जीवन काट रहा हू,आज तक हम को जरूरी सुविधाएं मिली ही नहीं हैं।