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कुशीनगर :: सरकारी भूमि पर अबैध कब्जा को लेकर भाकियू( भानू )ने एक निजी अस्पताल द्वारा एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
November 5, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

डेस्क, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपते हुए माँग किये है कि सचिदानंद हॉस्पिटल (ईसाई अस्पताल) कप्तानगंज, कुशीनगर द्वारा सड़क की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण माह अप्रैल 2019 से किया गया है और इस सम्बन्ध में तहसील प्रशासन, कप्तानगंज को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था और तहसील प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी किया कि उक्त निर्माण की जांच कराई जाय और यदि सरकारी जमीन में अवैध निर्माण हो रहा हो तो उसे तत्काल रोककर कार्यवाही किया जाय जिसमे लोक निर्माण विभाग द्वारा एक टीम गठित किया गया और उस टीम ने उक्त अवैध निर्माण जो अस्पताल द्वारा कराया जा रहा था वह सरकारी जमीन में पाया गया और उस टीम ने संस्था को एक नोटिस जारी किया और उसके द्वारा बताया गया कि एक सप्ताह के अन्दर उस अवैध निर्माण को संस्था द्वारा हटवाया जाय अन्यथा हमारे विभाग द्वारा कानूनी कार्यवाही किया जाएगा मगर आजतक उस अवैध निर्माण को लोक निर्माण विभाग द्वारा खाली नही कराया गया जो यह दर्शाता है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों द्वारा जनहित मुद्दे पर कैसे कार्य किया जा रहा है? इसी सन्दर्भ में यूनियन द्वारा दिनाँक 19 अगस्त 2019 को भी एक ज्ञापन प्रधानमन्त्री और मुख्यमन्त्री से सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपा गया मगर आजतक उक्त अवैध निर्माण को नही हटाया गया जो भूमाफियाओं द्वारा सीधे सीधे योगी सरकार को चुनौती दिया जा रहा है और तहसील प्रशासन के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग भी मौन धारण किये हुए है जो बिल्कुल शासन के मंशा के बिपरीत है| भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने माँग किया है कि सचिदानंद हॉस्पिटल (ईसाई अस्पताल) कप्तानगंज द्वारा सड़क की सरकारी भूमि पर जो अवैध निर्माण किया गया है उसे एक सप्ताह के अन्दर नही हटवाया गया तो हमारा यूनियन सड़क पर उतरने के लिये मजबूर होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी| इस मौके पर रामप्यारे शर्मा, हरि जी, भोरिक यादव, चेतई प्रसाद, मुनि प्रमोद कुमार वर्मा, रामपति सेन, रामअधार प्रसाद, राधे प्रसाद के साथ साथ अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।