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कुशीनगर :: नियम को ताख पर रखकर मानक के विपरीत विभागीय अधिकारियों की मीलीभगत से अवैध रूप से चल रहे सिटी हॉस्पिटल के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई, अधिकारी बने धृतराष्ट्र
November 13, 2019 • aaditya prakash srivastava • अपराध

आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। जनपद के पडरौना शहर के सुभाष चौक रामकोला रोड पर मानक के विपरीत अवैध रूप से चल रहे सिटी हॉस्पिटल के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई है लेकिन अभी तक इस अस्पताल के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई आखिर में ऐसा क्यों किया जा रहा है, अधिकारी धृतराष्ट्र क्यों बने पड़े हैं यह सब यक्ष सवाल है।बता दें कि विगत 29 अक्टूबर को दिए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता ने दर्शाया है कि उक्त सिटी हॉस्पिटल पर नवजात शिशु के स्वास्थ्य के साथ एक बीएएमएस डॉक्टर द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है। जबकि यह हॉस्पिटल एक शिशु रोग विशेषज्ञ के नाम से रजिस्टर्ड बताया जा रहा है लेकिन वह डॉक्टर जिला अस्पताल पर अपने संविदा की नौकरी बजा रहा है और यहां एक अनट्रेंड डॉक्टर को बैठाकर शिशुओं के जिवन के साथ खिलवाड़ करवा रहा है। आगे शिकायतकर्ता ने यह भी लिखा है कि इस नर्सिंग होम को मानक के विपरीत चलाने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का भी हाथ बताया जाता है। शिकायतकर्ता ने यह भी दर्शाया है कि यहां जो भी नर्स व वार्ड ब्वाय नियुक्त किए गए किसी के पास नर्सिंग के डिग्री नहीं है।आगे शिकायतकर्ता ने अपने शिकायती पत्र में दर्शाया है कि इस बच्चों के अस्पताल में ना तो कोई एंबुलेंस है, ना हींं फायर विभाग से कोई एनओसी है, ड्रग लाइसेंस भी किसी और के नाम से है और बैठता कोई और है, इस अस्पताल में डीजी सेट एप्रूवल भी नहीं है, नारकोटिक ड्रग लाइसेंस, फूड सेफ्टी लाइसेंस, मेडिकल गैस लाइसेंस, सेल टैक्स रजिस्ट्रेशन, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट अंडर पापुलेशन पॉल्यूशन कंट्रोल एक्ट से सर्टिफाइड भी नहीं है। वहीं स्प्रिट लाइसेंस नहीं है, पाल्यूशन कन्ट्रोल लाइसेंस भी नहीं है, बायो मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं है, क्लीनिक स्टेबिलीशमेंंट एक्ट के प्रमाण पत्र भी नहीं है और ना हीं बच्चों के मरने पर अस्पताल से मृत्यु का प्रमाण पत्र भी नहीं दिया जाता है आदि शिकायतों के साथ शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री तक को इस अवैध रूप से चल रहे हॉस्पिटल के विरुद्ध शिकायत कर कार्रवाही की मांग की है। इस शिकायती पत्र का जांच प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान को सौंपी है लेकिन अब तक इस अस्पताल के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। जांच अधिकारी से जब जानकारी लेना चाहा गया तो जांच अधिकारी ने कहा कि अभी हमारा पोर्टल खुल नहीं रहा है खुलने पर कार्यवाही की जाएगी। आखिर में इस अवैध रूप से चल रहे सिटी हॉस्पिटल का जिम्मेदार कौन है, आखिर में कौन मानक को ताक पर रखकर इस अस्पताल को अपने सह पर चलवा रहा है ये सब जांच का विषय है ? सूत्रों की मानें तो बोर्ड पर लगे किसी भी डॉक्टर का दर्शन नहीं होता है। केवल नीरज गौड़ ही इस पूरे हॉस्पिटल को चलाते हैं। वही विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कुछ राजनीतिक दलों के लोगों का भी संरक्षण प्रााप्त है इस हास्पिटल के ऊपर।