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कुशीनगर :: दो वर्षों से जारी लम्बी न्यायिक प्रक्रिया व जद्दोजहद के पश्चात पडरौना नगरपालिका सीमा विस्तार पर कोर्ट का रूख सख्त, शीघ्र ही अंतिम अधिसूचना जारी होने की बढ़ी उम्मीद, पक्षकारों में हर्ष की लहर
November 1, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, पडरौना, कुशीनगर(। राजनीतिकरण का शिकार बने नगर पालिका परिषद पडरौना के विस्तार की लंबी लड़ाई के बाद अब होने की उम्मीद जग गई है क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद नेे प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया है कि नगर पालिका परिषद पडरौना का विस्तार के क्रम में कार्यवाही अगली तिथि तक पूर्ण करना सूनिश्चीत करें ।

बता दें कि विगत दो वर्षों से जारी एक लम्बी न्यायिक प्रक्रिया व जद्दोजहद के पश्चात बीते 22 अक्टूबर 2019 को पडरौना नगर सीमा विस्तार प्रकरण पर सुनवाई करते हुए मा०उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उ०प्र०सरकार को यह निर्देशित किया है कि "वह रिट कोर्ट के पूर्ववर्ती आदेश(पडरौना नगर सीमा विस्तार करने) का पालन अगली सुनवाई तिथि को या उससे पूर्व करना सुनिश्चित करें अन्यथा विफल रहने की दशा में अगली सुनवाई तिथि दिनांक 21 नवंबर 2019 को अन्य प्रतिवादी गण के साथ मा०न्यायालय के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। मा०उच्च न्यायालय के इस रूख से पडरौना नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होने की वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे 18 अर्धशहरी हो चुके ग्राम सभाओं के एक लाख से भी उपर के नागरिकों सहित एवं उपर्युक्त वाद में एक घटक के तौर पर मा०उच्च न्यायालय में सतत् पैरवी करते रहे संरक्षक कुशीनगर सिविल सोसाइटी शाहिद लारी,अध्यक्ष गिरीश चन्द्र चतुर्वेदी व महासचिव प्रमोद श्रीवास्तव ने निर्णय की सराहना कर हर्ष व्यक्त किया है।