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कुशीनगर :: चार बच्चों की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं सुलझी, छाया मातम
November 18, 2019 • aaditya prakash srivastava • अपराध

सुनील कुमार तिवारी, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सेमरिया हनुमानगंज गांव से जिले के कसया क्षेत्र के गांव कुड़वा दिलिप नगर के सिसई में अपने ननिहाल गए चार मासूमों की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम से भी नहीं सुलझ पाई है। चिकित्सकों ने मौत को सस्पेक्टेड प्वाइजनिग बताते हुए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। अब मौत के कारणों का खुलासा बिसरा परीक्षण के बाद ही हो पाएगा। दूसरी तरफ प्रशासनिक व चिकित्सकों की टीम घटना के दूसरे दिन रविवार को गांव पहुंची,तो बचाव के लिए निरोधात्मक उपाय किए गए। हालांकि चार बच्चों के मौत होने के बाद बावजूद इस गांव के कई परिवार दहशत में पलायन कर रहे हैं। एसे में ननिहाल में मरे चार बच्चों के परिजनों को भी अपने बेटों की अचानक हुई मौत का कारण जानने को लेकर अजमस में है ‌।

गौरतलब हो कि कुड़वा दिलीपनगर गांव के इस पुरवे पर अनुसूचित नट जाति के 25-30 परिवार रहते हैं। इन परिवारों में अधिकांश की माली स्थिति खराब है। बीते तीन दिनों के भीतर एक ही घर के चार मासूम बच्चों हिमांशु (11),संजीत (तीन), नीतीश (पांच), दिलजले (तीन) की मौत हो गई। मौत से पूर्व सभी बच्चों के मुंह से सफेद झाग आया था। स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें गांव में कैंप कर रही हैं। चिकित्सक मौत का कारण वाली बीमारी नहीं बता सके,तो प्रशासन ने मृतक बच्चों में संजीत,दिलजले व नीतीश का भी पोस्टमार्टम कराया। रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। दुसरी ओर प्रशासन ने मृत बच्चों के घर में पकी व बिना पकी खाद्य सामग्री को सीज को सीज करने के बाद मौके से मछली का चोखा पाया है। खाद्य सामग्रियों को लैब टेस्टिग को भेज दिया है। इतना ही नहीं गांव के एक तालाब में भारी संख्या में मृत मछलियां पाई गईं हैं। लोगों को संदेह हैं कि जहरीले रसायन से इनकी मौत हुई है। अंदेशा लगाया जा रहा है कि कहीं बच्चों ने मृत मछलियों का तो सेवन नहीं कर लिया था ? जो मौत का वजह बनी। जबकि बच्चों के मौत के कारणों का सही पता नहीं चल सका है।