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कुशीनगर :: भाकियू जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह किसान महापंचायत में बोले, कागजों में दुगुना हो रहा है किसानों का आय
December 17, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

डेस्क, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र की अध्यक्षता में एक दिवसीय किसान महापंचायत लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील गेट पर किया गया जिसमें लक्ष्मीगंज और छितौनी की बन्द चीनी मील को चलवाने के साथ साथ किसानों की अन्य समस्याओं से सम्बन्धित दस सूत्रीय माँगों का ज्ञापन अरविन्द कुमार, उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपा गया जिसका संचालन मैनुद्दीन सिद्दीकी और बबलू खान ने किया।
बताते चले कि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह की अध्यक्षता में लगातार 61 और 48 दिन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील गेट पर किया गया था उसके बाद भी योगी सरकार बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये अभी तक घोषणा नही किया| यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने अपने संबोधन मे बताया की बीजेपी सरकार का सब काम काज कागजों में ही नजर आ रहा है। किसानों की आय सिर्फ कागजों में ही दोगुना होकर रह गया है।

आगे श्री सिंह ने कहा की यदि योगी सरकार ऐसे ही किसानों के ऊपर तानाशाही दिखाती रही तो वह दिन दूर नही है जब इस सरकार को किसान इनकी औकात दिखाने का कार्य करेंगे| लगातार दो सालों में गन्ने का मूल्य नही बढ़ा कर सरकार किसानों को सिर्फ धोखा ही दे रही है जबकि इन दो वर्षों में डीजल, गन्ना की छिलाई और लदाई की मजदूरी के साथ साथ जुताई के दाम भी बढ़े है। योगी सरकार गन्ने का मूल्य 500/- प्रति कुन्तल घोषित करे। श्री सिंह ने कहा की कप्तानगंज की चीनी मील पर पेराई सत्र 2018-19 का गन्ने का भुगतान जो बकाया है और साथ ही साथ जनपद के महराजगंज की गरौरा चीनी मील पर पेराई सत्र 2014-15 और पेराई सत्र 2017-18 का खड्डा और छितौनी क्षेत्र के किसानों के गन्ने का भुगतान बाकी है उसे सरकार 15 प्रतिशत ब्याज के साथ तत्काल किसानों के खाते में भेजवाने का कार्य करे। यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने योगी सरकार को चेताया कि बन्द कमरे में बैठकर योगी जी किसानों के ऊपर तानाशाही करना बन्द कर दे क्योकि यदि गन्ने के क्षेत्रफल से और गन्ने के पैदवार से यदि चीनी मिले संचालित होती है तो योगी जी को पिपराइच की चीनी मील को चलवाने से पहले लक्ष्मीगंज की बन्द चीनी मीलों को चलवाना चाहिए था। यदि योगी सरकार लक्ष्मीगंज और छितौनी की बन्द चीनी को चलवाने के लिये अबिलम्ब घोषणा नही करती है तो हमारा यूनियन सरकार की ईट से ईट बजाने का कार्य करेगा| आगे किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी शाहिद भाई ने कहा कि जनपद कुशीनगर के सरकारी गन्ना विकास समिति लि० लक्ष्मीगंज सर्किल संख्या 3 का सम्पूर्ण गन्ना पिपराईच चीनी मील को आपूर्ति के लिये आदेश हो गया है जो सरासर गन्ना किसानों के साथ धोखा है। किसानों की आवाज है कि हम अपने नजदीक के चीनी मील को छोडकर दूसरे जनपद की चीनी मील को गन्ना आपूर्ति क्यों करेंगे? यदि हम अपना गन्ना पिपराईच चीनी मील पर ले जाते है तो वहाँ का भाड़ा दुगुना से ज्यादा लगेगा और उस भाड़े का भुगतान कौन करेगा? साथ ही साथ वहाँ पर गन्ना ले जाने और वापस आने में ज्यादा समय भी लगेगा| सरकारी गन्ना विकास समिति लि० लक्ष्मीगंज सर्किल संख्या 3 का सम्पूर्ण गन्ना रामकोला चीनी मील को दिया जाय। किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए माहेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष गोरखपुर ने कहा कि जनपद की जो चीनी मीलें (रामकोला, कप्तानगंज, ढाडा, और खड्डा) संचालित हो रही है उन चीनी मीलों से इतनी राख निकल रही है जिसके वजह से प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया है। आमजन में इसके वजह से काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। यूनियन की माँग है कि शासन प्रशासन इसके ऊपर विशेष ध्यान दे जो जनहित में होगा।

किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए बबलू खान ने कहा कि लक्ष्मीगंज को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाय जो जनहित में होगा। अपने संबोधन में कृष्ण गोपाल चौधरी ने कहा कि गन्ना पर्ची को लेकर किसान पिछले साल की तरह इन साल भी पिसा जा रहा है जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किये हुए है। गन्ना पर्ची T-1 है उसके ऊपर 45 कुन्तल गन्ना का तौल किया जा रहा है और उसके बदले किसानों की दो से तीन गन्ना पर्ची काट ली जा रही है जो सरासर किसानों के साथ धोखा है। हमारे यूनियन की माँग है कि योगी सरकार गन्ने के पर्ची की ब्यवस्था पच्छिमी क्षेत्र की तरफ पूर्वी क्षेत्र के लिये न करे क्योकि पच्छिमी क्षेत्र में भैसा गाडी होता है और उस गाडी की क्षमता लगभग 15 कुन्तल होती है जबकि पूर्वी क्षेत्र में बैलगाड़ी होती है और उसकी क्षमता लगभग 28 से 32 कुन्तल की होती है। कहने का तात्पर्य यह है कि पूर्वी क्षेत्र के किसानों के गन्ने की पर्ची कम से कम 45 से 50 कुन्तल का किया जाय और जो 15 कुन्तल का सूत्र है उसे पूर्वी क्षेत्र के ऊपर न लागू किया जाय तभी जाकर पूर्वी क्षेत्र के किसानों की पर्ची की समस्या से निदान मील सकता है। हमारा यूनियन माँग करता है कि उपरोक्त बातों के ऊपर सरकार ध्यान देते हुए पूर्वी क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्या को तत्काल समाधान करें।

अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने सरकार को कड़े शब्दों में अगाह किया कि यदि उपरोक्त माँगों के ऊपर त्वरित कोई कार्यवाही नही होती है तो हमारा यूनियन पूरे उत्तर प्रदेश में एक बृहद किसान आन्दोलन करने के लिये बाध्य होगें जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर रामाश्रय यादव मण्डल प्रभारी गोरखपुर, प्रमोद कुमार वर्मा जिला महासचिव कुशीनगर, रामपति सेंन जिला सचिव कुशीनगर, चेतई प्रसाद जिला सचिव कुशीनगर, रामनरायन यादव, रामाश्रय वर्मा समाजसेवी, रामप्यारे शर्मा तहसील अध्यक्ष कप्तानगंज, इन्द्रावती देवी महिला मन्त्री कुशीनगर व चाँदबली के साथ-साथ अन्य कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।