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कुशीनगर :: भाकियू(भानु) के कार्यकर्ताओं ने पराली जलाने के विरोध में एसडीएम को सौपा ज्ञापन
December 5, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति
 
डेस्क, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ पराली जलाने के विरोध में एक ज्ञापन योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री से सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपतें हुए अवगत कराये है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और इस देश का किसान इस देश की रीढ़ की हड्डी है यदि आदमी के शरीर में रीढ़ की हड्डी टूट जाती है तो उस आदमी का शरीर किसी कार्य का नही होता है वैसे ही इस देश का किसान है यदि देश के किसानों के ऊपर सरकार द्वारा लगातार शोषण किया जायेगा तो यह किसान भी टूट कर अपनी खेती करना बन्द कर देगा और देश मुखमरी के कगार पर पहुँच जायेगा।बड़े दुःख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि पराली जलाने के नाम पर जो उत्तर प्रदेश में माननीय उच्चन्यायालय द्वारा जो आदेश जारी किया गया है उससे किसान बहुँत ही परेशान और डरा सा नजर आ रहा है। जिस पराली की बात हो रही है हकीकत में वह पराली नही है वह तो पराली का अवशेष है।
उत्तर प्रदेश का किसान अपने धान के फसलों को जड के नजदीक से काट लेते है और उसका अवशेष खेतों में इस लिये जलाते है कि खेतों मे से कीड़े मकोड़े जो फसलों को नुकसान पहुंचाते है वह मर जाय या वह भाग जाय| आजकल गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों में क्रेशर की भरमार लगी है और वहाँ पर गुड बनाने का कार्य किया जा रहा है और गुड बनाने के चिमनी से धुआँ जो निकल रहा है उसके ऊपर सरकार क्या कर रही है? ईट के भठठों के चिमनी से जो धुआँ निकल रहा है उसके ऊपर सरकार क्या कर रही है? गन्ने की फैक्ट्री के चिमनी से जो धुआँ निकल रहा है उसके ऊपर सरकार क्या कर रही है? अभी ठंडी का महीना शुरू हो गया है प्रदेश सरकार द्वारा जगह जगह पर अलाव जलवाया जायेगा और उससे जो धुआँ निकलेगा 

उसके ऊपर सरकार क्या विचार है? श्रीमान् जी, किसान अपने गन्ने की पत्ति भी जला रहा है या खेत में से कूड़ा करकट और घास जला रहा है तो उसके ऊपर भी जिला प्रशासन द्वारा मुकदमा या जुर्माना लगा दिया जा रहा है| आजादी के लगभग 73 साल बाद भी इस देश के किसानों के दशा और दिशा में कोई परिवर्तन नही आया है आज तक जितनी सरकारें आयी इन्ही किसानों के हड्डी के ऊपर कबड्डी खेल कर अपनी सरकार बनाई और इन्ही किसानों को भूल गयी? देश में जितने क़ानून बनते है सबसे पहले उस क़ानून में बेचारा किसान ही फसता है|भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह योगी सरकार से जानना चाहते है कि आपके द्वारा आदेश जारी किया गया है कि किसानों के गन्ने का भुगतान 14 दिन में चीनी मील मालिकों द्वारा किसानों के खाते में आना चाहिए क्या ऐसा अभी तक हुआ? आपके द्वारा कितने चीनी मालिकों के ऊपर मुकदमा किया गया या जुर्माना लगाया गया? माननीय उच्च न्यायालय का आदेश है कि किसानों के गन्ने का भुगतान समय से न दिए जाने पर 15 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान किया जायेगा, कितने मील मालिकों ने 15 प्रतिशत ब्याज के साथ अभी तक भुगतान किया है? यदि नही किया है तो आपके सरकार उन चीनी मील मालिकों के ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई? नही की गई है, यदि ऐसा होता तो प्रदेश में किसानों के गन्ने का भुगतान करोडो रूपये बाकी है अबतक हो चुका होता| इसके अलावा वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं, न्यायालय का आदेश है कि प्राथमिक विधालयों में सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के बच्चे पढ़ें, मंदिर और मस्जिद पर होर्न ना बाजे, हर्ष फायरिंग न हो, मछली,बकरे और मुर्गे के अपशिष्ट आदि पर भी तो कार्यवाही होनी चाहिए| ऐसे सौकड़ों मुद्दे है लेकिन सब दरकिनार कर सिर्फ किसानों पर ही प्रशासन लाठी चला रहा है| अबतक जनपद में सौकड़ों किसानों के ऊपर मुकदमा और हर्जाना लग चुका है| अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ज्ञापन के माध्यम से योगी सरकार से माँग करते है कि यदि किसानों द्वारा पराली जलाने से वातावरण में प्रदुषण फ़ैल रहा है तो ईट के भठठों के चिमनी, गन्ने की फैक्ट्री के चिमनी, अभी ठंडी का महीना शुरू हो गया है प्रदेश सरकार द्वारा जगह जगह पर अलाव
जलवाया जायेगा क्या उससे आक्सीजन निकल रहा है? यदि ऐसा नही है तो इनके ऊपर भी प्रतिबन्ध लगाया जाय और यदि कोई इसका पालन नही करता है तो उसके ऊपर भी अर्थदंड या मुकदमा कायम कराना चाहिए जो जनहित में होगा| यदि तत्काल ऐसा नही हुआ तो हमारे संगठन को सरकार खुद ही आदोलन की डगर पर जाने के लिये मजबूर कर देगी? यदि ऐसा हुआ तो इसका पूरा श्रेय योगी सरकार को जायेगा| इस मौके पर रामप्यारे शर्मा, बबलू खान, रामनरायन यादव, चेतई प्रसाद, रामाश्रय वर्मा, कृष्ण गोपाल चौधरी, भोरिक यादव, बंशबहादुर विश्वकर्मा के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे।