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कुशीनगर :: आठ सूत्रीय मांगों का सीएम को सम्बोधित ज्ञापन भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने एसडीएम को सौंपा
November 26, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

डेस्क, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ से सम्बन्धित आठ सूत्रीय माँगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी, खड्डा को सौपते हुए अवगत कराये है कि केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है उसके बाद भी किसानों के हित मे सरकार उदासीन रवैया अपना रही है जिसके वजह से किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है।भारतीय जनता पार्टी द्वारा 2017 विधानसभा चुनाव के समय मे जो जनता से वादें किये गए थे उसको पूरा करने में योगी सरकार बिल्कुल असफल और असहाय नजर आ रही है जो आने वाले समय में बीजेपी के लिये शुभ संकेत नही है।

भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह राज्य सरकार से माँग करते है पेराई सत्र 2019-20 शुरू हो चुका है मगर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक गन्ने के मूल्य की घोषणा नही किया गया है| सरकार गन्ने का मूल्य 500/- प्रति कुन्तल घोषित करे| किसान सम्मान निधि योजना का लाभ तहसील खड्डा के किसानों को मात्र 40% से 50% ही अभी तक मिला है| इस योजना के लाभ से तहसील खड्डा के लगभग 50% से 60% किसान अभी भी बंचित है। इसके ऊपर सम्बन्धित अधिकारी और कर्मचारी ध्यान दे ताकि इस योजना का लाभ प्रत्येक किसानों को जल्द से जल्द मील सकें। पेराई सत्र 2019-20 शुरू हो गया है मीलों द्वारा किसानों के गन्ने की घटतौली पर प्रशासन पैनी नजर रखें ताकि इसको समय से पहले रोका जा सकें जो किसानों हित मे होगा। गन्ना भुगतान जनपद कुशीनगर के कप्तानगंज और सेवरहीं चीनी मील पर पेराई सत्र 2018-19 का बाकी है उसे सरकार जल्द से जल्द 15% ब्याज के साथ किसानों के खाते में भेजवाने का कार्य करें। यूनियन द्वारा मार्च 2017 से लगातार माँग किया जा रहा है कि जनपद की जो पांच चीनी मीलें (लक्ष्मोगंज, रामकोला (खेतान), पडरौना, कटकुइयाँ और छितौनी) बन्द पड़ी है उसे सरकार चलवाने के लिये घोषणा करें मगर सरकार इस मुद्दें पर भी विफल और असहाय नजर आ रही है। लोकसभा के चुनाव के समय 12 मई 2019 को माननीय योगी जी कप्तानगंज में आये थे तो उन्होंने कहा था कि यदि केंद्र में हमारी सरकार बनी तो हम जनपद की बन्द चीनी मीलों को चलवाएंगे उसके बाद भी जनपद की एक भी बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये योगी सरकार ने अभी तक घोषणा नही किया जो दुर्भाग्यपूर्ण के साथ साथ जनपद कुशीनगर के किसानों के साथ धोखा और छलावा है। लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये यूनियन द्वारा 26 नवम्बर 2018 से 61 दिन और 10 जून 2019 से 48 दिन लगातार धरना प्रदर्शन किया गया उसके बाद 08 जुलाई 2019 को लक्ष्मीगंज और छितौनी बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये कुशीनगर के सांसद द्वारा संसद में माँग किया गया कि लक्ष्मीगंज और छितौनी बन्द चीनी मीलों के ऊपर किसी प्रकार का कोई मुकदमा नही है इसलिय सरकार इन दोनों बन्द चीनी मीलों को चलवाने के लिये घोषणा करे उसके बाद भी इन दोनों बन्द चीनी मीलों में से एक भी बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये सरकार ने घोषणा नही किया? लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र में हर साल लगभग 68 से 70 हजार हेक्टेयर भूमि में 40-45 लाख कुन्तल गन्ना पैदा होता है और इसी गन्ने के सहारे जनपद की तीन-तीन चीनी मीलें संचालित होती है| यदि गन्ना क्षेत्रफल और गन्ना उत्पादन से चीनी मिले लगाई जाती है तो योगी सरकार को पिपराईच चीनी मील को लगवाने से पहले लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने या यहाँ पर नई चीनी मील लगवाने का कार्य करना चाहिए था| योगी सरकार लक्ष्मीगंज और छितौनी बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये अबिलम्ब घोषणा करे जो किसानों हित में मील का पत्थर साबित होगा।

जनपद कुशीनगर के खड्डा तहसील अंतर्गत गाँव शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवां, कठहवां, बगुलागाँव, बसंतपुर और महदेवा के ग्रामबासियों को अपने रोजी रोटी के तलाश के लिये रोजाना नारायणी नदी को अपने जान को जोखिम में डालकर उसे पार करके शहर में आना और जाना पड़ता है जिसके वजह से उनके जान का खतरा प्रत्येक दिन बना रहता है। हमारा यूनियन योगी सरकार से माँग करता है कि उपरोक्त गाँव के लोगों को आने जाने के लिये पीपे या पक्का पूल का निर्माण कराया जाय जो जनहित में होगा| जनपद कुशीनगर के प्रत्येक तहसील में राशन कार्ड से आये दिन नाम काट दिया जा रहा है उसके बाद सम्बन्धित ब्यक्ति जब कटे हुए नाम को सही कराने तहसील पर जाता है तो राशन विभाग द्वारा उस ब्याक्ति का शोषण किया जाता है उसके ऊपर सम्बन्धित अधिकारी ध्यान दे जो जनहित में होगा| जनपद कुशीनगर के प्रत्येक तहसील द्वारा गाँव गाँव में एक चौपाल लगाकर वरासतनामा चढ़वाने का कार्य कराया जाय जो जनहित में होगा। अन्त में ज्ञापन के माध्यम से यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने सरकार को चेताया कि यदि हमारी मांगे जल्द से जल्द पूरा नही हुआ तो हमारा संगठन आन्दोलन की डगर पर चलने के लिए बाध्य होगा जिसका पूरा श्रेय शासन प्रशासन को जायेगा। इस मौके पर यूनियन के जिला सचिव चेतई प्रसाद, तहसील अध्यक्ष कोदई कुशवाहा, अखिलेश सिंह,बबलू खान, रामप्रवेश गुप्ता, रामनरायन यादव, रामाशय वर्मा, भोरिक यादव, बंशबहादुर विश्वकर्मा, केश्वर, सुदामा,महंथ, श्यामसुंदर, रंभा देवी, आत्मा गुप्ता, लक्ष्मीना आदि मौजूद रहे।