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छपरा :: विश्व मधुमेह दिवस पर सभी सरकारी अस्पतालों लगा जांच शिविर, स्वास्थ्यकर्मियों ने निकाली जागरूकता रैली
November 14, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

• सिविल सर्जन ने रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना • सभी अस्पतालों में शिविर लगाकर मरीजों की हुई जांच।
विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, छपरा।  विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल से चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा जागरूकता रैली निकाली गयी। सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. झा ने कहा कि मधुमेह से बचाव के लिए सजग रहने की जरूरत है। खान-पान के साथ जीवन शैली में बदलाव लाया जाना आवश्यक माना गया है। मधुमेह रोगियों के शरीर का घटना वजन अन्य रोगों को बढ़ावा देने लगता है। इसके रोगियों का खान-पान सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं बल्कि, शरीर के ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित रखने में सहायक होता है। इसके रोगियों को खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मधुमेह जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें  मधुमेह के मरीजों की जांच की गई। डॉक्टरों द्वारा मरीजों के बीपी, ब्लड सुगर की निःशुल्क जांच की गई साथ हीं आवश्यकता अनुसार मरीजों के बीच नि:शुल्क दवा भी वितरण किया गया। मधुमेह के लक्षण :::::.... बहुत ज्यादा और बार बार प्यास लगना • बार बार पेशाब आना • लगातार भूख लगना • दृष्टी धुंधली होना • अकारण थकावट महसूस होना • अकारण वजन कम होना • घाव ठीक न होना या देर से घाव ठीक होना • बार बार पेशाब या रक्त में संक्रमण होना • खुजली या त्वचा रोग • सिरदर्द • धुंधला दिखना।

सभी अस्पतालों में आयोजित मधुमेह जांच शिविर में चिकित्सकों द्वारा मधुमेह से होने वाले नुकसान व बचाव के जागरूक किया गया। जिसमें बताया गया कि मधुमेह रोग एक ऐसी बीमारी है जो एक बार जिसे हो गई तो वह कभी जड़ से खत्म नहीं होती। इसे सिर्फ दवाओं, योग व दिनचर्या में परिवर्तन कर नियंत्रित किया जा सकता है। इससे बचने के लिए सुबह में में चार बजे से आठ बजे के बीच 20 से 30 मिनट टहलने की आदत हम सभी को डालनी होगी। टहलने से शुगर के साथ ही बीपी भी नियंत्रित रहता है। इसके अलावा अपनी दिनचर्या व खान पान में भी बदलाव लाना जरूरी है।