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छपरा :: स्वास्थ्य समिति के सभागार में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला किया गया आयोजित
October 19, 2019 • aaditya prakash srivastava

विजय कुमार शर्मा, कुुुशीनगर केेेसरी, छपरा, बिहार। जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर ने की।

इस अवसर पर सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण ओझा ने कहा कि गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, प्लासेंटा, गर्भ आयु की सही जानकारी लेने के लिए गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी है। जिससे कि स्थिति के अनुसार गर्भवती महिलाओं का सही उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह के 09 एवं 21 तारीख को सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में शिविर लगाकर स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एमबीबीएस चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिलाओं का द्वितीय अथवा तृतीय त्रैमास में गहन जांच की जाती है। इस दौरान जरूरत के अनुसार गर्भवती महिलाओं का पैथोलॉजिकल जांच एवं अल्ट्रासाउंड कराकर सलाह दी जाती है। साथ ही जरूरत के मुताबिक गर्भवती महिलाओं का इलाज भी किया जाता है। इस अवसर पर डीआईओ डॉ. विरेंद्र चौधरी, एमएनई भानू शर्मा, डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, डीसीएम बिजेंद्र कुमार सिंह,हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद समेत सभ प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व बीएचएम-बीसीएम शामिल रहे। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला को प्रतिदिन के भोजन में आयरन और फॉलिक एसिड की सही मात्रा लेना भी जरुरी है। एक गर्भवती महिला को अधिक से अधिक आहार सेवन में विभिन्नता लानी चहिए। गर्भावस्था और जन्म के बाद के पहले 1000 दिन नवजात के शुरुआती जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। नवजात शिशु की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उसे जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना जरूरी है। यह नवजात शिशु को कई संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रखता है। स्तन पान कराने से नवजात शिशु के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं।