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छपरा :: सिताब दियारा में लगा परिवार नियोजन कैंप, महिलाओं ने अस्थाई साधनों को अपनाया
November 18, 2019 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

• कैंप में की गयी महिलाओं की काउंसलिंग • केयर इंडिया के सहयोग से लगाया गया कैंप • जिले में व्यापक स्तर पर चल रहा है जागरूकता अभियान।
विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, छपरा। जिले में परिवार नियोजन जागरूकता को लेकर विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलायी जा रही है। इसी कड़ी में रिविलगंज प्रखंड के सिताबदियारा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर केयर इंडिया के सहयोग से परिवार नियोजन कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें आशा द्वारा काफी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया। कैंप आने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन के अस्थायी तथा स्थाई साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। इस अवसर पर केयर इंडिया के परिवार नियोजन समन्वयक प्रेमा कुमारी, बीएम अखिलेश कुमार, महिला डॉक्टर,एएनएम व आशा कार्यकर्ता मौजूद थी।
परिवार नियोजन कैंप के दौरान इच्छुक 29 महिलाओं को बास्केट ऑफ चॉइस (कंडोम, कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली आदि) के अंतर्गत सामग्री प्रदान की गयी।14 महिलाओं को एमपीए इंजेक्शन दिया गया। यह प्रत्येक तीन माह पर इंजेक्शन महिलाओं को दिया जाता है। यह गर्भधारण को लंबे समय के लिए रोकता है एंव बच्चों में अंतर रखने में मदद करता है। प्रत्येक दिन गोली खाने के बजाए तीन महीने में केवल एक बारे इंजेक्शन लेने की आवश्यकता होती है। वहीं 5 महिलाओं को छाया गोली, 5 को माला-एन, 2 को कंडोम, 2 को प्रेग्नेंसी जांच कीट उपलब्ध करायी गयी।

परिवार नियोजन समन्वयक प्रेमा कुमारी ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण में परिवार नियोजन की बहुत अधिक भूमिका है। सभी अस्पतालों में 'अंतरा' इंजेक्शन और 'छाया' गोली निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए यह इंजेक्शन तीन माह में एक बार लगाया जाता है, वहीं जो महिलाएं इंजेक्शन लगवाने से डरती हैं उनके लिए छाया गोली है। ये हफ्ते में 2 बार दी जाती है। उन्होंने बताया कि गर्भनिरोधक इंजेक्शन का स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। गर्भाशय के कैंसर से बचाव होता है। साथ ही हीमोग्लोबिन भी अच्छा हो जाता है। सही जानकारी नहीं होने के कारण बहुत साड़ी महिलाएं चाह कर भी परिवार नियोजन के साधन का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। इस दिशा में इस तरह का कैंप महिलाओं को परिवार नियोजन साधनों की जानकारी देना काफ़ी कारगर साबित हो रहा है। सिविल सर्जन डॉ. माधेवश्वर झा ने बताया कि नसबंदी कराने वाले पुरुषों और महिलाओं को क्रमशः 2000 और 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा पोस्ट पार्टम स्टर्लाइजेशन (प्रसव के तुरंत बाद नसबंदी) कराने वाली महिलाओं को 2200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। महिलाएं पहले के तुलना अब ज्यादा जागरूक हो चुकी है।