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छपरा :: अमानत ज्योति कार्यक्रम के तहत एएनएम-जीएनएम को दी गयी ट्रेनिंग
December 23, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, छपरा।सदर अस्पताल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में अमानत ज्योति योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें केयर इंडिया टीम के द्वारा आउटरीच में कार्यरत एएनएम-जीएनएम को मॉड्यूल 2 का प्रशिक्षण दिया गया। पहले दिन 10 प्रखंडों के एएनएम व जीएनएम को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें अमनौर, बनियापुर, तरैया, परसा, मशरक, सोनपुर, दरियापुर, छपरा सदर प्रखंड, दिघवारा, सदर अस्पताल के एएनएम व जीएनएम शामिल थी। दूसरे दिन अन्य 10 प्रखंडो एएनएम को ट्रेनिंग दिया जायेगा। केयर इंडिया अमानत ज्योति कार्यक्रम के मेंटर ज्योति डागर ने कहा कि जिले के प्रत्येक प्रखंड से दो बेहतर नर्सेज को लेकर डिस्ट्रिक्ट मेंटरिंग टीम का गठन भी किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया के बारे में जागरूकता फैलाना है। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद सभी एएनएम अपने पीएचसी में अन्य एएनएम को प्रशिक्षित करेंगी। इसके लिए प्रशिक्षित नर्सों को आईईसी मेटेरियल भी दिया गया है। महिलाओं में प्रसव के समय एनिमिक रहने की जानकारी रहने पर एएनएम बेहतर परामर्श और देखभाल कर सकती है। इस अवसर पर केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन प्रणव कुमार कमल, ज्योति डागर, पूनम कुमारी, हर्षा, रुथ , केयर इंडिया के सदर बीएम अमितेश कुमार मौजूद थे।

केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन प्रणव कुमार कमल ने बताया कि सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वीएचएसएनडी का आयोजन किया जाता है। जिसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से प्रसव पूर्व जाँच एवं बच्चों के टीकाकरण के अलावा नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन पर परामर्श भी दिया जाता है। उन्होंने सभी एएनएम को संबोंधित करते हुए कहा आरोग्य दिवस पर प्रदान की जाने वाली सभी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है। गर्भावस्था से लेकर शिशु के दो वर्ष की आयु तक का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान माता के बेहतर पोषण के साथ प्रसव पूर्व जाँच भी जरुरी होता है। इसलिए सभी एएनएम की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत गर्भवती माताओं की प्रसव पूर्व जाँच को सुनिश्चित करें। यह कार्यक्रम मातृत्व एवं नवजात की मृत्यु दर को कम करने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत चिकित्सकों एवं नर्सों को सुरक्षित प्रसव कराने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी लायी जा सके।

यह होगा फायदा ::::.... • महिलाओं में एनीमिया के खतरे के कारणों की पहचान एवं उपचार में गुणात्मक सुधार होगा • साथ ही गर्भवती महिलाओं का नर्स एवं अस्पताल कर्मियों पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा • अमानत ज्योति कार्यक्रम से अस्पताल की चिकित्सा गुणवत्ता में सुधार होगा • इससे अस्पताल के चिकित्सकीय व्यवस्था का सर्वांगिण विकास होगा।

आरोग्य दिवस की सहायता से सामुदायिक स्तर पर प्रसव पूर्व जाँच एवं टीकाकरण की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो पा रही है। इसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। स्वास्थ्य विभाग भी इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के क्षमता वर्धन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निश्चित अंतराल पर इस तरह के प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है। सरकार द्वारा मां व बच्चे को बेहतर देखभाल प्रदान कराने के लिए जननी शिशु सुरक्षा योजना की शुरुआत की गयी है। इस कार्यक्रम के तहत शिशु को विशेष सुविधा प्रदान की गयी है। 1 साल तक बीमार बच्चों को घर से अस्पताल तक निःशुल्क एम्बुलेंस की सुविधा भी प्रदान की गयी है।