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छपरा :: अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने का होगा प्रयास : डीपीओ
December 4, 2019 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

•छपरा में मातृ वंदना सप्ताह की हुई शुरुआत • बनाया गया सेल्फी पॉइंट, पहली बार माँ बनने वाली महिला के साथ लिया सेल्फी •आकर्षक रंगोली बनाकर दिया सन्देश • 2 से 8 दिसम्बर तक चलेगा सप्ताह • जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर चलेगा सघन अभियान • सप्ताह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले होंगे पुरस्कृत।

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, छपरा :: जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) सप्ताह की शुरुआत की गई। सदर परियोजना कार्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन कर इसकी शुरुआत की गई। आईसीडीएस के डीपीओ वंदना पांडेय व सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर एक सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया। जिसमें पदाधिकारियों ने पहली बार माँ बनने वाली महिला के साथ सेल्फी लिया। सेल्फी व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक पर शेयर किया गया। वहीं आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा रंगोली के माध्यम से लाभार्थियों को जागरूक किया गया।

इस अवसर पर डीपीओ ने कहा कि 2 से 8 दिसम्बर तक जिले में पीएमएमवीवाई सप्ताह मनाया जाएगा। अभियान के दौरान अधिक महिलाओं को योजना का लाभ देने की कोशिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य प्रथम बार माँ बनने वाली महिलाओं को तीन क़िस्त के जरिए 5000 रुपए की राशि का लाभ देना है। सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने बताया कि सप्ताह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले वालो पुरस्कृत करने का भी प्रवधान किया गया है। जिला स्तर पर पुरस्कार का वितरण दो श्रेणियों में होगा। प्रथम श्रेणी में जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक परियोजन के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं उनके डाटा एंट्री ऑपरेटर को पुरस्कार दिया जाएगा। जबकि दूसरे श्रेणी में प्रत्येक परियोजना से बेहतर प्रदर्शन करने वाले एक आंगनबाड़ी सेविका एवं एक सहायिका को पुरस्कार दिया जाएगा।

सप्ताह के दौरान लंबित आवेदनों एवं भुगतान को शून्य करने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। इसके लिए दूसरे एवं तीसरे क़िस्त हेतु योग्य लाभार्थियों से आवेदन प्राप्त कर प्रस्तावित तिथि को परियोजना स्तर पर पूर्णतः निष्पादित किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रथम बार माँ बनने वाली माताओं को 5000 रुपये की सहायक धनराशि दी जाती है, जो सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में पहुँचती है। इस योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को तीन किस्तों में दिया जाता है। पहली क़िस्त 1000 रुपये की तब दी जाती है जब गर्भवती महिला अंतिम मासिक चक्र के 150 दिनों के अंदर गर्भावस्था का पंजीकरण कराती है। दूसरी किस्त में 2000 रुपये गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 6 माह पूरा होने के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच कराने पर दी जाती है। तीसरी और अंतिम किश्त में 2000 रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण के उपरांत एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के बाद प्रदान की जाती है।