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छपरा :: अब आईपीसी कार्ड की मदद से गर्भवती महिलाएं रखेंगी अपना ख्याल, शिशुओं की बेहतर देखभाल करने में भी होंगी सक्षम
December 21, 2019 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार, छपरा। अब गभर्वती महिलाओं को खानपान, गर्भवस्था में उचित देखभाल व टीकाकरण सहित अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने में अधिक सहूलियत होगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग उन्हें आईपीसी कार्ड मुहैया करा रहा है। इस इंटर पर्सनल कॉम्यूनिकेश यानी अंतर व्यक्तिगत संचार कार्ड को केयर इंडिया के सहयोग से तैयार किया गया है।

कार्ड की मदद से आंगनबाड़ी सेविकाओं व आशाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल रही है। यह कार्ड कुपोषण के चक्र से सुरक्षित रखने के लिए भी तैयार किया गया है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण संबंधित व्यवहारों में सुधार लाने की दिशा में इस सकारात्मक पहल के बाद बदलाव देखने को मिल रहे हैं। केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन प्रणव कुमार कमल ने बताया कि आरोग्य दिवस पर गर्भवती माताओं को यह कार्ड उपलब्ध करवाया जा रहा है। गर्भवती माताएं इस कार्ड में दी गयी जानकारी का अपने व्यवहार परिवर्तन में इस्तेमाल कर रही हैं। कार्ड के माध्यम से बताया गया है कि गर्भावस्था में वे अपना किस तरह ख्याल रखें। इसके साथ उन्हें कार्ड के माध्यम से नियमित आयरन की गोली के सेवन का समय और विधि, पहली तिमाही व दूसरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक भोजन संबंधी जानकारी, तीसरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व तैयारी, नवजात शिशुओं की देखभाल, पहले घंटे में स्तनपान व परिवार नियोजन आदि की विस्तार से जानकारी दी गयी है।

केयर इंडिया के डीटीएल संजय कुमार विश्वास ने बताया कि माताओं को आईपीसी कार्ड के माध्यम से छह माह से कम उम्र वाले शिशुओं के पैंटा वैक्सीन सहित स्तनपान पर बल, ससमय टीकाकरण आदि के बारे में बताया गया है। छह माह से अधिक उम्र वाले शिशु के उपरी आहार की शुरूआत व इसकी सूची, खसरा बचाव के लिए नौंवे महीने में टीकाकरण, अनुपूरक आहार की मात्रा एवं आहार की विविधता भी सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी मौजूद है।

आरोग्य दिवस के दिन एएनएम गर्भवती महिला की गर्भावस्था की आयु का पता लगाती हैं। इसके बाद एएनएम मां को गर्भावस्था की उम्र या उसके बच्चे की उम्र के आधार पर आइपीसी कार्ड सौंपती हैं। इस कार्ड के साथ गर्भवती महिला आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मुलाकात कर इसमें दिये गये सभी बातों की जानकारी प्राप्त करती हैं। आशा व आंगनबाड़ी सेविकाएं दी गयी जानकारी पर महिला की समझ क्या बनी है, इसे जानती हैं और मां की समझ और उसके अनुरूप हो रहे सही अभ्यास को सुनिश्चित करती हैं।

जिले के 20 प्रखंडों में 3590 आईपीसी कार्ड का वितरण किया गया जिसमें सोनपुर में सबसे ज्यादा यानि 264 वितरण किया गया है। अमनौर में 194, बनियापुर में 233, दरियापुर में 236, दिघवारा में 108, एकमा में 199, गड़खा में 133, इसुआपुर में 221, जलालपुर में 187, लहलादपुर में 73, मकेर में 81, मांझी में 258, मढौरा में 256, मशरक में 165, नगरा में 99, पानापुर में 101, परसा में 136, रिविलगंज में 130, सदर ग्रामीण में 183, सदर शहरी में 209, तरैया में 124 आईपीसी कार्ड का वितरण किया गया है।