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बेतिया :: प्राचीनतम ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर किया मांग
December 12, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया, बिहार। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर पश्चिम चंपारण के सोमेश्वर पर्वत की लगभग 5000 वर्षों के प्राचीनतम ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन ने सरकार से की मांग।

११ दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ,बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदो एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया! इस अवसर पर ब्रांड एंबेस्डर एंबेस्डर स्वच्छ भारत मिशन सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद ने कहा कि ११ दिसंबर को प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस के रूप में मनाया जाता है ! विश्व की लगभग १५% आबादी पहाड़ों में निवास करती है।

इस अवसर पर श्री एजाज अहमद ने कहा कि सोमेश्वर पर्वत बिहार के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है! इस पर्वत के शीर्ष पर गुफाओं के बीच एक प्राचीनतम लगभग 5000 वर्ष पुराना ऐतिहासिक किला है! जो पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में स्थित है। यह किला पहाड़ों के बीच सोमेश्वर पर्वत पर समुद्र तल से 2884 फीट ऊंचाई पर खड़ी ढलान पर स्थित है जो अब खंडहरों में तब्दील है! पहाड़ों के बर्फीले हिमालय का बड़ा सुंदर नजारा दिखाई देता है! सोमेश्वर की चोटी से घोल गिरी पर्वत ,गोसाई थान एवं गौरी शंकर पर्वत साफ देखा जा सकता है। यहां से घने प्राकृतिक जंगलों की सुंदरता आंखों को ठंडक महसूस कराती है। अंग्रेजों ने इसे भारत का स्विट्जरलैंड बताया था। सोमेश्वर पर्वत का यह क्षेत्र इतना सुंदर है कि 1875-76 मे ब्रिटिश सम्राट एडवर्ड 7 एवं जॉर्ज पंचम 1911-1912 पश्चिम चंपारण के सोमेश्वर पहाड़ी के क्षेत्रों का दौरा किया था! एडवर्ड VII शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया था! इस अवसर पर बिहार विश्वविद्यालय के डॉ0 शाहनवाज अली एवं स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने कहा कि सरकार एवं सामाजिक पहल से अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस पर यह संकल्प लेने की आवश्यकता है कि पश्चिम चंपारण के रामनगर में स्थित सोमेश्वर पहाड़ी के गुफाओं में लगभग 5000 वर्षों के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जाए ताकि नई पीढ़ी अपनी गौरवशाली इतिहास को जान सके! इस अवसर पर सरकार से मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सोमेश्वर पहाड़ी की गुफाओं में अवस्थित लगभग 5000 वर्षों का ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है एवं सरकार को पहल करते हुए इसे पर्यटन से जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए! ताकि इस क्षेत्र का संपूर्ण विकास हो सके!