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बेतिया(प.चं.) :: सीएबी और एनआरसी के खिलाफ वाम दलों ने किया बिहार बंद
December 20, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया, बिहार। सीएबी और एनआरसी को वापस लेने की केंद्रीय मांग के साथ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत बिहार बंद अहले-सुबह आरंभ हो गया।

राजदेवडी से विभिन्न चौक होते हुए सड़क यातायात को प्रभावित किया गया और वही दुकानें भी बंद रही। ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और मोदी-अमित शाह की तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना शुरू किया। तमाम जगहों पर बंद का व्यापक असर दिख रहा है। पुरे जुलूस में नौजवानों में काफी आक्रोश साफ दिख रहा था, लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून वापस लो। गरीबों की नागरिकता छीनने वाला एनआरसी वापस लो। संविधान की मौलिक संरचना से खिलवाड़ बंद करो। धार्मिक आधार पर नागरिकता का निर्धारण नहीं चलेगा। घुसपैठिया के नाम पर गरीबों, अल्पसंख्यकों की नागरिकता खत्म करने की साजिश नहीं चलेगी। संविधान, लोकतंत्र पर हमला नहीं सहेंगे। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान एवं रौशन सिंह की साझी शहादत- साझी विरासत- जिंदाबाद। सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है। गंगा-जमुनी तहजीब पर हमला बंद करो। जल-जीवन, हरियाली के नाम पर दलितों, गरीबों को उजाड़ना बंद करो। महिलाओं पर बढ़ते यौन हिंसा पर रोक लगाओ। बेटियों के साथ यौन हिंसा क्यों ?,मोदी-नीतीश जवाब दो। डिटेंशन कैंप खत्म करो। आंदोलनकारी छत्रों-नागरिकों पर दमन बंद करो। डिटेंशन कैंप में 28 लोगों की मौत क्यों ? मोदी-शाह जवाब दो। वर्मा कमीशन की तमाम सिफारिशें लागू करो। एनपीआर, एनसीआर एवं सीएए वापस लो। संविधान विरोधी, देश विरोधी नागरिकता संशोधन कानून वापस लो। देश के नागरिकों को जलील करना बंद करो। एनआरसी सीएए हमें मंजूर नहीं। संविधान विरोधी एवं सांप्रदायिक नागरिकता संशोधन कानून वापस लो। संविधान पर लगातार हमला करने वाली मोदी सरकार- मुर्दाबाद। का नारा लगाते हुए दुकानों को बंद करा रहे थे। अंत में जिला समाहरणालय गेट पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केन्द्रीय कमीटी सदस्य विरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गयी मोदी सरकार आज देश की जनता को ही विदेशी घोषित कर, भारतीय होने का साबुत मांग रहीं हैं, उनहोंने कहा कि देश के नागरिकों से साबुत मांगना संविधान के खिलाफ, व अलोकतंत्रीक है। मोदी सरकार द्वारा संविधान को बदलने की कोशिश को देश और देश की जनता कभी बर्दास्त नही करेगी। जिसको आज के बंद में साझी शहादत, साझी विरासत,साझी नागरिकता, गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल को लोगों साबित कर बंद को सफल बनाया, दिवस को बिहार बंद किया जाएगा। उनहोने आगे कहा कि 19 दिसंबर का दिन स्वतंत्रता आंदोलन के महान नायकों और 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है' के गायक रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और रोशन सिंह की शहादत दिवस भी है। इसी दिन अंग्रेजी हुकूमत ने इन तीन क्रांतिकारियों को क्रमशः गोरखपुर, फैजाबाद व नैनीजेल (इलाहाबाद) में फांसी के तख्तों पर लटका दिया था। यह ऐतिहासिक दिन का बंद मोदी-शाह की जोड़ी को बंगाल की खाड़ी में दफन कर देगा, आगे उनहोंने ने कहा कि मोदी-अमित शाह सरकार का नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी पूरी तरह संविधान की मौलिक संरचना तथा आजादी के आंदोलन के संपूर्ण मूल्यबोध के खिलाफ है। माले नेता सुनील कुमार राव, संजय यादव, रिखि साह, जवाहर कुशवाहा, योगेन्द्र यादव, इसलाम मियां, मुजमील मियां, सुरेन्द्र चौधरी, माकपा के जिला मंत्री चांदसी यादव, भाकपा ओमप्रकाश कांति, भीम आर्मी एन एनएसयूआ के आमिर अखतर, एमआईएम, जाप, ए. एम. यू की छात्रा नौरिन, काजिनेशार साहब, सौकत रेजा,अबदुल्ल कलाम जौहरी, अल्पसंख्यक बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के मोहम्मद फरहान आदि नेताओं ने सभा को संबोधित किया, और बिहार बंद को सफल बनाने में सभी समुदाय को सलाम किया।