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बेतिया(प.चं.) :: नान बैंकिंग कंपनी के संचालक करोड़ों रुपया लेकर हुआ फरार, पीड़ित ने किया थाना का घेराव
December 18, 2019 • aaditya prakash srivastava • अपराध

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया(प.चं.), बिहार। स्थानीय नगर थाना क्षेत्र के बसवरिया के एक नान बैंकिंग संचालक मुकेश कुमार उर्फ गोलू के खिलाफ मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में लोग थाना पहुंच गए। जिसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थी। थाना पहुंचकर लोगों के संचालक के खिलाफ आक्रोश जताने लगे। उक्त मामले में थानाध्यक्ष शशि भूषण ठाकुर ने बताया कि अभी लोगों ने आवेदन नहीं दिया है। आवेदन मिलते हींं उचित कार्रवाई की जाएगी।नगर थाना पहुंचे वार्ड पार्षद शंभू पटेल, जवाहर पटेल , कोनिया देवी, सुदामा देवी, श्यामा देवी, शिव जानकी देवी ,बबीता देवी, पूनम देवी, राजपति देवी ज्योति देवी तारा देवी गिरिजा देवी, फूलमती देवी, मुस्कान, शीला देवी ,आदि का कहना था कि आरोपी मुकेश कुमार उर्फ गोलू ने अपने मोहल्ले में एक एम के इंटरप्राइजेज के नाम से नन बैंकिंग संस्था खोलकर सैकड़ों लोगों से रुपए जमा करा लिया है, इसके द्वारा चार -पांच साल से लोगों का रुपया जमा कराया जा रहा था, अब नन बैंकिंग कंपनी लोगों का जमा पैसा लेकर चंपत हो गया है। हम लोग अपना रुपया मांगने जाते हैं तो आरोपी के द्वारा धमकी दी जाती है।
बता दें कि शहर में इन दिनों कई प्रकार के नान बैंकिंग कंपनियां चल रही है जो लोगों का पैसा जमा कराती है और इसके बाद लाखों-करोड़ों जमा हो जाने के बाद फरार हो जाते हैं। जिससे स्थानीय लोगों का पैसा डूब जाता है, इस तरह की कई कंपनियां इसके पूर्व में भी लोगों का पैसा लेकर चंपत हो गई है। मगर पुलिस प्रशासन है कि इस पर कोई ध्यान नहीं देता है। जिसके चलते इन नान बैंकिंग कंपनी के संचालकों का मनोबल बढ़ जाता है और इस तरह की कंपनियां लोगों का पैसा लेकर फरार होने में सफल हो जाती है। सरकार को चाहिए कि इस तरह के नान बैंकिंग कंपनियों को खोलने की अनुमति नहीं दी जाए जिससे लोगों का ह्रास हो और आर्थिक स्थिति खराब होती जाए। सरकार के द्वारा इस तरह के नान बैंकिंग कंपनियों का रजिस्ट्रेशन करके उन को खुली छूट दे दी जाती है कि आम जनों का पैसा लेकर वह फरार हो जाए और आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा लूटते देखते रहे।