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बेतिया(प.चं.) :: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना
January 11, 2020 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया। बेतिया के जिला समाहरणालय के समीप एनआरसी एवं सीएए के विरोध में काफी संख्या में सभी समुदाय के लोग एकत्रित हो अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे। इस धरना में उपस्थित मौलाना आमिर अराफात कासमी, मौलाना हसन माविया नदवी, मौलाना नजमुद्दीन कासमी, मौलाना नौमानी, रिजवान अहमद रेयाजी, प्रोफेसर परवेज आलम, तनवीर आलम, संजय राव, शौकत रजा, मकाफुर आलम, मोहम्मद हसन, अब्दुल कलाम जौहरी, रविंद्र कुमार रवि (माले नेता), मोहम्मद असलम, आजाद अहमद आदि सैकड़ों लोगों ने उपस्थित हो इस कानून को काला कानून बताते हुए यह कहा कि अगर सरकार अपनी रवैया को नहीं बदलती, तो यह हमारी अनिश्चितकालीन धरना चलती रहेगी।वही परवेज आलम ने कहा हम वैसे लोगों का इस्तकबाल करते हैं जो हिंदुस्तान के संविधान और लोकतंत्र पर विश्वास करते हैं, यह हिंदुस्तान हमारी है और हम इसके बेटे हैं और बेटे से उसका हिस्सा कोई छीन नहीं सकता हम हिंदुस्तान के ही नागरिक हैं और नागरिक रहेंगे हम सब यहां एक भाईचारा और एक घर के सभी परिवार हैं हम हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी हमारे अपने हैं हम किसी से बैर नहीं कर सकते और इस आवाम से बैर करने वालों से चुप भी नहीं रह सकते क्योंकि हमारी मजहब नहीं सिखाता कि हम आपस में बैर रखें हम सद्भावना से एवं विश्वास से अपनी लड़ाई लड़ते हैं और लड़ते रहेंगे। यह सरकार की गलत रणनीति है जो कामयाब रणनीति नहीं है। यह सरकार लोगों को बरगलाने का काम कर रहीं हैं। सरकार अपना बहुमत बनाना चाहती है साथी आम जनों को परेशानी में इस एनआरसी व सीएए के लड़ाई में धर्म के नाम पर बरगलाने व लड़ाने का काम कर रही है। यह लड़ाई पूरे हिंदुस्तान में आज जोर-शोर पर चल रही है। इस लड़ाई के लिए ना जाने कितने आवाम को कई मुसीबतों से जूझना पड़ा है। इसे सरकार अनदेखा कर रही हैं, क्योंकि उसे सिर्फ अपने राजनीतिक मुद्दे ही देखने हैं। वह जनता को धोखे में डाल रही है। हमारी यह गुजारिश रहेगी अभी सरकार अपने इस मुद्दे को बदले और आम आवाम को देखते हुए सीएए और एनआरसी जैसे इस नागरिकता संशोधन बिल को हटा दे, अन्यथा आम आवाम अब चुप बैठने वाले में नहीं है वह सरकार की रणनीतियों को समझ चुकी है और वह इससे बड़ी प्रदर्शन व धरना के लिए तैयार है।