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बेतिया(प.चं.) :: मकर संक्रांति पर ऐतिहासिक पानीपत की तीसरी युद्ध 1761 में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सपूतों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
January 15, 2020 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया(प.चं.), बिहार। आज 15 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति पर ऐतिहासिक पानीपत की तीसरी युद्ध 1761 ई0 मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सपूतों के सम्मान में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया !जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया !इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया! इस अवसर पर सर्वप्रथम ऐतिहासिक पानीपत की तीसरी युद्ध 1761 के अमर शहीदों एवं सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पानीपत की तीसरी युद्ध पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया! इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने कहा कि आज ही के दिन आज से 259 वर्ष पूर्व मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी 1761 को अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली एवं भारतीय मराठा सेनाओं के बीच ऐतिहासिक पानीपत के स्थान पर भयानक युद्ध हुई!

भारतीय मराठा सेनाओं का नेतृत्व इब्राहिम खान गार्दी के नेतृत्व में लड़ी गई! धर्म जाति से ऊपर उठकर मातृभूमि की रक्षा करते हुए इब्राहिम खान गार्दी वीरगति को प्राप्त हुए ! इब्राहिम खान गार्दी ने अपने सिद्धांतों एवं मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया !इस ऐतिहासिक युद्ध में लगभग 70000 भारतीय सैनिक जिसमें हिंदू एवं मुसलमान दोनों मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर डॉ नीरज गुप्ता एवं एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास को जानने की आवश्यकता है ! ताकि मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए अपने पुरखों के बलिदान को जान सके! इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल ने कहा कि आज के समय में देश के युवा राष्ट्र के निर्माण की कड़ी बने ताकि भारत को एक संपन्न विकसित राष्ट्र बनाया जा सके! यही होगी देश पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों के प्रति युवाओं एवं राष्ट्र की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि! इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा करने वाले शहीदों एवं सपूतों के सम्मान में बेतिया पश्चिम चंपारण में सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण कराया जाए ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके!