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बेतिया(प.चं.) :: महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापसी की 105 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक समारोह में छात्र-छात्राओं ने लिया प्लास्टिक के बने बर्तनों से मुक्त भारत का संकल्प
January 10, 2020 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया(प.चं.), बिहार। 9 जनवरी 2020 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापसी की 105 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में किया गया ! जिसमें जाने-माने गांधीवादी चिंतको, विचारको, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया!

इस दौरान पर सर्वप्रथम सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया! जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया !इस अवसर पर पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन एवं जाने-माने अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद अमित कुमार लोहिया ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ,अब्दुल्लाह एंड कंपनी दक्षिण अफ्रीका एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेश आगमन एवं राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला! इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने कहा कि आज ही के दिन आज से 105 वर्ष पूर्व 9 जनवरी 1915 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह के माध्यम से भारतीय मूल के लोगों को अफ्रीका में नागरिक अधिकार दिलाकर भारत लौटे थे !दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्याग्रह को भारतीय मूल के व्यापारी अब्दुल्लाह एंड कंपनी के अतुल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता! दक्षिण अफ्रीका से 9 जनवरी 1915 को मुंबई बंदरगाह पर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सम्मानित किया गया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत सरकार द्वारा केसर ए हिंद के सम्मान से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सम्मानित किया गया था! इस ऐतिहासिक अवसर पर बैरिस्टर मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में वकीलों का शिष्टमंडल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्वागत किया था! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर नीरज गुप्ता एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेश आगमन की 105 वी वर्षगांठ पर हमें स्वच्छता एवं स्वच्छताग्रह पर विस्तृत रूप से चर्चा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है! इस ऐतिहासिक अवसर पर छात्र छात्राओं को प्लास्टिक के बर्तनों से मुक्ति दिलाने का संकल्प दिलाया ताकि समाज एवं राष्ट्र को प्लास्टिक के बर्तनों के उपयोग से कैंसर जैसे होने वाले घातक रोगों से बचाया जा सके !इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल नवीदूं चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदर्श मूल्यों एवं आपसी प्रेम के सिद्धांत से ही स्थाई रूप से विश्व में सुख शांति समृद्धि एवं विकास लाया जा सकता है!