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बेतिया(प.चं.) :: महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विद्यालय के अंतर्गत शिव ध्वजारोहण एवं शिव जन्म उत्सव का कार्यक्रम का हुआ आयोजन
February 23, 2020 • aaditya prakash srivastava • आध्यात्म

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया(प.चं.), बिहार। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वव विद्यालय के अंतर्गत बसवरिया गीता पाठशाला में महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारी अंजना बहन, बीके श्रुति बहन, बीके चांदनी बहन, बीके अलका बहन एवं अन्य भाई बहनों के द्वारा शिव ध्वजारोहण एवं शिवजन्मोत्सव का उत्सव मनाया गया ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी आए हुए सभी भाई बहनों को महाशिवरात्रि के अध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराएं उन्होंने कहा परमात्मा का "इस धरा पर हो चुका है परमात्मा स्थापना के कार्य में गुप्त रीति से अपना कार्य कर रहे हैं या भारत फिर से विश्व गुरु बनने जा रहा है क्योंकि भगवान की उपस्थिति भारत में ही होती है।

भारत फिर से स्वर्णिम दुनिया की ओर अग्रेषित हो रहा है ऐसे वक्त में सत्य को पहचान कर परमात्मा से हमें उनकी गुणों शक्तियों और वरदानों से झोली भरने की आवश्यकता है महाशिवरात्रि पर्व कृष्ण पक्ष में पड़ता है जिसमें परमात्मा का दिव्य "इस धरा पर होता है रात्रि शब्द अज्ञानता का प्रतीक है ऐसे वक्त में संपूर्ण मानव जाति अज्ञानता के अंधकार में सत्य से विमुख हो चुकी है ऐसे वक्त में हमें राजयोग मेडिटेशन अपना करके अपने जीवन को सद्गुणों, सद्विचारो हो से भरपूर करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा सभी भाई-बहन यहां प्रतिदिन आकर के यहां की 7 डेज क्लास योग राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करें और अपने जीवन को मूल्यों से भरपूर करें मुख्य रूप से रूप नारायण भाई, अनिरुद्ध भाई, मुन्ना भाई की मुख्य रूप से भूमिका रही।
ब्रम्हाकुमारी बहनों के द्वारा उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन के अंदर अच्छे विचार के माध्यम से मनुष्य जाति को भगवान के द्वारा दर्शाए गए बातों को उनके दिलों तक पहुंचाने का काम किया जाना चाहिए ताकि इस जनमानस में भगवान के प्रति आस्था उनके बताए हुए रास्तों पर चलकर सफलता का मार्ग ढूंढें और अपने समाज को ईश्वरीय गुणों एवं उद्देश्यों एवं उपदेशों से लोगों के अंदर जागृति पैदा कर, मनुष्यता का पाठ पढ़ाया जा सकता और भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा सुमन अर्पित करके भगवान के खुश करने के लिए अपने जीवन को उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर दूसरों को मार्गदर्शन करते रहना चाहिए, यही भगवान की सच्ची भक्ति होगी, जिससे मानवता को सच्ची लगन, प्रेम, सद्भावना के साथ जीवन व्यतीत करने का साधन बनाना होगा।