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बेतिया(प.चं.) :: महान संत गुरु नानक देवी की 50 वी जन्म शताब्दी एवं भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का किया गया आयोजन
November 12, 2019 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया पश्चिम चंपारण बिहार। महान संत गुरु नानक देव की 550वी जन्म शताब्दी एवं चंपारण सत्याग्रह के महानायक सह एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के पुण्यतिथि पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन!

आज १२ नवंबर को सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में गुरु नानक देव की 550 वी जन्म शताब्दी एवं चंपारण सत्याग्रह के महानायक सह एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया !जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया! इस अवसर पर पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन ने महान संत गुरु नानक देव जी एवं चंपारण सत्याग्रह के महानायक भारत रत्न मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला !इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद ने कहा कि आज ही के दिन आज से 550 वर्ष पूर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 ई0 को कलमंडी नामक गांव में महान संत गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था!उनका सारा जीवन मानवता के लिए समर्पित रहा !उनके आदर्शों एवं मूल्यों से ही दक्षिण एशिया में स्थाई शांति स्थापित की जा सकती है! इस अवसर पर श्री एजाज अहमद ने कहा कि आज ही के दिन 12 नवंबर 1946 ई0 को आज से 73 वर्ष पूर्व 85 वर्ष की आयु में चंपारण सत्याग्रह के महानायक सह एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय का निधन हुआ था 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद चंपारण सत्याग्रह के महानायक मदन मोहन मालवीय ने बढ़ चढ़के चंपारण सत्याग्रह में भाग लिया था! राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मदन मोहन मालवीय एवं मौलाना मजहरुल हक के मार्गदर्शन में चंपारण सत्याग्रह को एक नई दिशा प्रदान की! 01जून 1917 को पंडित मदन मोहन मालवीय ने पंजाब मेल से बिहार के पटना पहुंचकर मौलाना मजहरूल हक एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ ऐतिहासिक बैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि किसी भी प्रकार की कानूनी चंपारण सत्याग्रह में बाधा उत्पन्न होने पर पर मदन मोहन मालवीय एवं मौलाना मजहरूल हक चंपारण के किसानों की लड़ाई लड़ेंगे! देखते ही देखते मदन मोहन मालवीय ,मौलाना मजहरूल हक एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अथक प्रयासों से चंपारण सत्याग्रह सफल हुआ! चंपारण सत्याग्रह के मात्र 30 वर्ष बाद ही 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों के चंगुल से आजाद हो गया! इस अवसर पर बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के शोधार्थी शाहनवाज अली एवं स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर नीरज गुप्ता ने कहा कि संतों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनके जीवन दर्शन को अपने आप में उतारने की आवश्यकता है ताकि भारत एक विकसित राष्ट्र बन सके!