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बेतिया(प.चं.) :: लाल किले पर 15 अगस्त 1947 को भारतीय ध्वज फहराने वाले आजाद हिंद फौज के महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन शाहनवाज खान की 96 वी जन्मदिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि
January 26, 2020 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया(प.चं.), बिहार। जिसने देश के लिए छोड़ा था अपना परिवार! आज दिनांक 24 जनवरी 2020 को देर शाम सत्याग्रह इस फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन में ऐतिहासिक लाल किला पर 15 अगस्त 1947 को भारतीय ध्वज तिरंगा फहराने वाले आजाद हिंद फौज के महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी जनरल शाहनवाज खान की 96 जन्मदिवस पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया! जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ,बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया! इस अवसर पर पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन ने महान स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन शाहनवाज खान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए करते हुए उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद( अधिवक्ता) ने कहा कि 24 जनवरी 1914 को कैप्टन शाहनवाज खान का जन्म रावलपिंडी में हुआ था! द्वितीय विश्व युद्ध में कैप्टन शाहनवाज खान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई! नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों से प्रभावित होकर आजाद हिंद फौज में शामिल हुए! आजाद हिंद फौज के नायक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा प्रदान की ! ब्रिटिश हुकूमत ने कैप्टन शाहनवाज खान पर फांसी देने का फरमान जारी किया था! देश के आजादी के बाद कैप्टन शाहनवाज ने देश के लिए छोड़ा था अपना पूरा परिवार !रावलपिंडी में उनका परिवार काफी प्रभाव प्रभावशाली था! पाकिस्तानी नेताओं ने उन्हें कई तरह के प्रलोभन दिए! एक तरफ उनका पूरा परिवार था दूसरी ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दिया गया वह वादा था कि अंतिम सांस तक भारत की सेवा करेंगे !आखिरकार उन्होंने घर परिवार छोड़कर भारत को चुना! देश के लिए अपनी पत्नी ,बच्चों ,अपने रिश्तेदारों अपनी संपत्ति को को छोड़ा !15 अगस्त 1947 को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को हराया एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दिए गए अपने वादों को पूरा किया! कैप्टन शाहनवाज खान लगभग केंद्र सरकार में 31 वर्षों तक भारत सरकार के मंत्री के रूप में रहे! 1952, 1957, 1962 ,1971 के आम चुनाव में मेरठ से जीत हासिल की एवं मंत्री बने! उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उत्तराखंड में एक कस्बे का निर्माण कराया! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर डॉ0 नीरज गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने पुरखों के गौरवशाली इतिहास को जानने की आवश्यकता है ताकि भारत एक विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र बनाया जा सके! इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि शहीद एवं स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में बेतिया पश्चिम चंपारण में देश का पहला भोजपुरी विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय संग्रहालय का निर्माण कराया जाए ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके!