ALL देश विदेश सम्पादकीय राजनीति अपराध खेल मनोरंजन चुनाव आध्यात्म सामान्य
बेतिया(प.चं.) :: गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा की खस्ता हालत पर विस्तृत रूप से की गई चर्चा
November 25, 2019 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, कुुशीनगर केसरी, बेतिया पश्चिम चंपारण, बिहार। जीवंत होगा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी 150 वी जन्म शताब्दी पर कला संस्कृति युवा विभाग (संग्रहालय निदेशालय )द्वारा संचालित बेतिया संग्रहालय एवं गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा पश्चिम चंपारण। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग (संग्रहालय निदेशालय) द्वारा स्थापित बंद पड़े ऐतिहासिक बेतिया संग्रहालय, ऐतिहासिक गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा पश्चिम चंपारण की खस्ता हालत एवं सामाजिक उदासीनता पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन बेतिया पश्चिम चंपारण का प्रतिनिधिमंडल कला संस्कृति एवं युवा विभाग(संग्रहालय निदेशालय) बेतिया संग्रहालय सह गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा पश्चिम चंपारण के प्रभारी डॉ शिवकुमार मिश्र समक्ष रखा संग्रहालय को जीवंत करने का प्रस्ताव! सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं पश्चिम चंपारण के बुद्धिजीवियों का एक शिष्टमंडल बेतिया संग्रहालय एवं गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा पश्चिम चंपारण के प्रभारी शिवकुमार से मुलाकात की!

इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पीस एंबेसडर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद के नेतृत्व में बुद्धिजीवियों का शिष्टमंडल ने बेतिया एवं गांधी स्मारक संग्रहालय के प्रभारी के समक्ष विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की! लंबी चली बातचीत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी 150 में जन्म शताब्दी पर बेतिया में बंद पड़े गांधी स्मारक संग्रहालय भितिहारवा की खस्ता हालत पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई! इस अवसर पर श्री एजाज ने कहा कि पश्चिम चंपारण में दो संग्रहालय होने के बावजूद लगभग 5000 वर्षों का इतिहास बिखरा पड़ा है! समाजिक उदासीनता के कारण इसे अब तक संरक्षित नहीं जा सका है !इसके लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार की जा रही है ताकि 5000 वर्षों का चंपारण के गौरवशाली इतिहास को सुरक्षित कर जीवंत रूप दिया जा सके! इस अवसर पर बुद्धिजीवियों के साथ बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के शोधार्थी शाहनवाज अली एवं स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर नीरज गुप्ता के साथ देश के अनेक जाने-माने इतिहासकार बुद्धिजीवी एवं शोधार्थी मौजूद थे!