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बेतिया(प.चं.) :: चंपारण सत्याग्रह स्मृत, हजारीमल धर्मशाला को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की गई सरकार से मांग
February 23, 2020 • aaditya prakash srivastava • राजनीति

शहाबुद्दीन अहमद, बेतिया(प.चं.), बिहार। 22 फरवरी 2020 को सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार, सत्याग्रह भवन में चंपारण सत्याग्रह की महानायिका सह महान स्वतंत्रता सेनानी ,कस्तूरबा गांधी की 76 वी एवं महान स्वतंत्रता सेनानी सह भारत सरकार के प्रथम शिक्षा मंत्री स्वर्गीय डॉ0 मौलाना अबुल कलाम आजाद की 62 वी पुण्यतिथि पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया !जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ गांधीवादी विचारक सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ0 एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने कहा कि आज से 76 वर्ष पूर्व महान स्वतंत्रता कस्तूरबा गांधी का निधन, आगा खान पैलेस में 22 फरवरी 1944 एवं भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री डॉ0 अबुल कलाम आजाद का निधन 22 फरवरी 1958 ई0 को ह्रदय गति रुकने से हुआ था! इस अवसर पर एजाज अहमद ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में कस्तूरबा गांधी ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नारी शिक्षा, छुआछूत, बाल विवाह समेत अनेक सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आज से 103 वर्ष पूर्व 1917 में बेतिया पश्चिम चंपारण की पावन धरती से आरंभ किया था !कस्तूरबा गांधी एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादें आज भी चंपारण की फिजाओं में रची बसी हैं ! लगभग 1 वर्षों तक कस्तूरबा गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में बेतिया, पश्चिम चंपारण की धरती पर सामाजिक कुरीतियों, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, समाज के लिए अभियान चलाया था! कस्तूरबा गांधी एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने चंपारण के निर्धन लोगों के बीच ईश्वर का दिव्य दर्शन प्राप्त किया था! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर डॉ नीरज गुप्ता एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि ऐतिहासिक हजारीमल धर्मशाला को राष्ट्रीय स्मारक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी 150 वी जन्म शताब्दी बनाया जाए ! स्मरण रहे कि 27 अप्रैल 2017 को चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह में बिहार सरकार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने मुरली भरवा मंच से घोषणा करते हुए सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं चंपारण वासियों को विश्वास दिलाया था कि ऐतिहासिक हजारीमल धर्मशाला जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 22 अप्रैल 1917 से 24 जनवरी 1918 तक निरंतर ऐतिहासिक हजारीमल धर्मशाला मे सत्याग्रह कार्यालय सह सत्याग्रह आश्रम के रूप में प्रयोग करते रहे ऐतिहासिक हजारीमल धर्मशाला में 16 जुलाई 1917 को 10 हजार से अधिक किसानों एवं मजदूरों ने बापू के नेतृत्व में 10 हजार से अधिक किसानों ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध चंपारण जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था! इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता, शंभू शरण शुक्ल , वरिष्ठ पर्यावरणविद अमित कुमार लोहिया एवं पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन ने कहा कि बा- बापू के सम्मान में ऐतिहासिक हजारीमल धर्मशाला को राष्ट्रीय स्मारक बना कर सरकार अपना वादा पूरा करें! यही होगी सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी 150 वी जन्म शताब्दी पर सरकार द्वारा सच्ची श्रद्धांजलि !साथ ही वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के सम्मान में देश का पहला भोजपुरी विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की मांग की ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके एवं शिक्षा की रोशनी समाज के उपेक्षित वर्ग के बच्चों तक आसानी से पहुंच सके!