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बेतिया :: दरोगा बद्रीनाथ शर्मा के विरुद्ध न्यायालय द्वारा वारंट जारी
December 12, 2019 • aaditya prakash srivastava • अपराध

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया, बिहार।स्थानीय व्यवहार न्यायालय बेतिया के द्वारा हत्या के एक मामले में साक्ष्य हेतु न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता ,दरोगा बद्रीनाथ शर्मा के विरुद्ध वारंट जारी किया है। एडीजे चतुर्थ राजनारायण निगम ने यह कार्रवाई जोगा पट्टी थाना कांड संख्या 270 / 2009 में किया है। एपीपी, जयशंकर तिवारी ने जानकारी दी है कि वर्ष 2009 में जोगा पट्टी थाना क्षेत्र के नौका टोला पटरवा राजपूर निवासी, हीरालाल मुखिया के द्वारा पुत्र की हत्या को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, इस मामले में वर्ष 2009 में जोगा पट्टी थाना में पदस्थापित दरोगा व कांड के अनुसंधानकर्ता के विरुद्ध वरीय पदाधिकारी को लिखा गया था, बावजूद उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
न्यायालय द्वारा इस तरह पुलिस पर वारंट जारी करने का यह कोई नया मामला नहीं है ,इसके पूर्व में भी कई बार पुलिस पदाधिकारियों पर न्यायालय के द्वारा वारंट जारी किया गया है फिर भी इसके बावजूद पुलिस पदाधिकारी को न्यायालय द्वारा सजा मिलने के बाद भी उनके कार्यों में सुधार नहीं हो रहा है। पुलिस पदाधिकारी जब न्यायालय का सम्मान नहीं करते हैं तो किस परिस्थिति में जान आ जाए कि वह आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे, यह इस आदेश से पता चल जाता है, सभी थाना प्रभारी व थाना में पदस्थापित पुलिसकर्मी आम नागरिकों के साथ बहुत ही बुरी तरह पेश आते हैं तथा आम नागरिकों को अपना नौकर समझते हैं, जबकि पुलिस पदाधिकारियों को आम नागरिकों के द्वारा ही टैक्स वसूली करके सरकार इनका वेतन देती है, जिसका सुख भोंगते हैं, मगर इन लोगों के अंदर मानवता नाम का कोई चीज नहीं मिलती है और सबसे ज्यादा मानव अधिकार का हनन ,पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा ही किया जाता है।