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बगहा(प.च.) :: चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण पूरे देश ने एक साथ 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है : जरीना
November 15, 2019 • aaditya prakash srivastava • सामान्य

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बिहार। बगहा नगर के असेंबली ऑफ गॉड स्कुल के प्रांगण में बाल दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि बगहा सभापति जरीना खातुन एवं विशिष्ट अतिथि पर्यावरण पुरुष गजेंद्र यादव उपस्थित रहे।

सर्वप्रथम देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंङित जवाहरलाल नेहरु की 130वीं जयन्ती पर स्कूल के शिक्षकों व अतिथियों द्वारा सयुक्त रूप से  उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की गई। तपश्चात रंगारग कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यालय परिसर में बाल दिवस के अवसर पर बाल मेला आयोजन किया।जिसकी शुरुआत सभापति ज़रीना खातून ने की। कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को मुख्य अतिथि सभापति जरीना खातून व विशिष्ट अतिथि पर्यावरण पुरुष गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्यों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर बच्चों द्वारा नाटक,नृत्य एवं भाषण आदि का मंचन भी किया गया।बच्चो ने सभी का मन मोह लिया वही बच्चों को संबोधित करते हुए नप सभापति ज़रीना खातून ने बताई की भारत के पहले प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती के उपलक्ष्य पर बाल दिवस पूरे देश भर में मनाया जाता हैं।उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्हें आधुनिक भारत का 'निर्माता' भी कहा जाता है। 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद सर्वसहमति से ये फैसला लिया गया कि जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण पूरे देश ने एक साथ 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, प्रगति और कल्याण के लिए बहुत काम किया।वही विशिष्ट अतिथि पर्यावरण पुरूष गजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चें भगवान का रूप होते हैं। उन्हें हम जैसा चाहे वैसा बना सकते हैं।वही देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की 130 जयंती के उपलक्ष्य पर बाल दिवस मनाया जा रहा हैं और मैं बच्चो को यही संदेश दूँगा की बच्चें मन के सच्चे होते हैं। चाचा नेहरू को गुलाब का फूल बहुत  अच्छा लगता था।वही फूल आज कल कही कही दिखाई देती हैं।इसका मात्र यही एक कारण हैं प्रदूषण। इस समय की दूषित पर्यावरण से निजात दिलाने के लिए बच्चों,शिक्षकों यहाँ उपस्थित गणमान्यों से अपील है कि अपने आस पास सहित अन्य जगहों पर अधिक से अधिक पौधा लगाये एवं उन पौधों को संरक्षित भी करें। वही सभी बच्चों को बाल दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं है। आप सभी उचाइयां को छुए यही मेरी मंगल कामना हैं।  मौके पर  स्कुल के प्रिन्सिपल अनुप कुमार, वात्सल्य से कफील अमहद, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि,मोहम्मद गयासुदिन,अजय राउत, मोहम्मद राशिद, सुमन कुमार यादव बंटी कुमार एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।