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बगहा(प.च.) :: अंधविश्वास......एक मृतक को जिंदा कर देने की बात को लेकर शमशान घाट पर अर्थी को रख होता रहा नाटकीय खेल, लोगों ने जबरन किया दाह संस्कार
October 24, 2019 • aaditya prakash srivastava

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी, बगहा प.च. बिहार। प्रखण्ड बगहा एक के मौजे परसा गांव में एक अजीबो गजीब घटना सामने आया है जिसे सुन दंग रह जाएंगे आप लोग। जी हांं सैतिस घण्टे बाद एक ही परिवार में दो लोगों की मौत होने से गांंव में सनाटा पसर गया। जगह-जगह चर्चा का विषय बना हुआ है।

बता दें कि जब परिजन द्वरा मृतक को अंतिम दाह संस्कार करने गांंव के साथ सगे संबंधि सहित जब चखनी राजवाटिया के नारायणी गंगा घाट तट पर पहुंंचे हींं थे कि मौजे परसा गांंव में के ही किसी पड़ोस के ही एक हरिजन की पत्नी अचानक कहने लगी कि मैं सायर काली मां हुंं मैं उसको बचा सकती हूंं, उसकी सांंस मेरे मुठी में बंधा हुआ है। उसको जलाने से मना करो मैं उसके पास जाऊंगी जिसका बात सुन सभी अन्य गाव के ग्रामीण लोग दंग व हैरान में पड़ गए। ग्रामीणों की माने तो पड़ोसी गांंव की हरिजन की पत्नी को गांंव के लोगो द्वरा चखनी राजवाटिया गांंगा घाट पर पहुंंचाया गया। जहाँ पर नाटकीय तरिके से बहुत सारी खेला करतब एवं पूजा पाठ की गई। सभी लोग तरह-तरह की बात करते रहे। वह समशान घाट पर बोली कि मैं उसको रात के आठ बजे जिंदा कर सकती हूं जिस समय उसका प्राण गया है ठीक उसी समय मे वापस आ जायेगा। वजह पुझे जाने पर उस महिला ने बताई की इसके घर के पास काली सायर मा का स्थान है जिन्हें पूजा करने के लिए रास्ता बिल्कुल इन मृतक के द्वारा अवैध कब्जा कर लीया गया है। जहां मैं रहती हूं वह मेरे स्थान पर इन लोगो के द्वरा गंदा फेका जाता है साफ सफाई नही रहता है जिसके कारण मैने इसको ऐसा दंडित किया है। जिसका बात सुन लोग तरह-तरह की बात करने लगे। यह बात आग की तरह पूरे चखनी राजवाटिया पंचायत में फैल गई, जिसे देखने के लिए बहुत भीड़ इकठा हो गई। आखिरकार जब लेट होने लगा तो लोगोंं नेंं मृतक को अंतिम दाह संस्कार कर ही दिया। अगर आठ बजे तक इंतजार किए होते तो शायद जान बच भी सकती थी एवं तथ्य सामने भी आ सकते थे, जो बहुत ही गम्भीर मामला सामने आ रही है। मृतक की पहचान मौजे परसा गांंव निवासी अर्जुन साह ५५ वर्ष पुत्र स्वर्गीय मलु साह के रुप में की गई। वहीं आसपास के लोगोंं की माने तो मृतक का दूसरा भाई जो कुछ दिनों से कैंसर रोग से पीड़ित था जिसका नाम मुकुरधुन साह है जो इनसे महज ३७ घटे पहले ही मृत्यु हुआ था और यह दूसरा बड़ा मामला हादसा सामने परिवार वालो पर टूट पड़ा।